
Lok Sabh Election 2019
लखनऊ. राज्य कर्मचारी संयुक्त के प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी के नेतृत्व में गत 29 मार्च को प्रतिनिधि मण्डल मुख्य सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला । आयोग ने चुनाव डियुटी में लगें सेक्टर मजिस्टेट, मास्टर ट्रेनर आदि का मानदेय तय कर दिया है। आयोग से जारी आदेश के मुताबिक सेक्टर मजिस्ट्रेट 5000, मास्टर ट्रेनर 2000, माइक्रेो माइक्रो ऑब्जर्वर 1000 और सहायक व्यय पर्यवेक्षक को 7500 रूपये मिलेगा। यह जानकारी मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने दी।
चुनाव डियुटी में मास्टर ट्रेनर को भी मिलेगा मानदेय
मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि गत दिव चुनाव ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों को मानदेय एवं अन्य समस्याओं के सम्बन्ध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश के मुख्य सचिव डा. अनुप चन्द पाण्डे एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश एल वेकटेंश्वर लू से मिला था। प्रतिनिधि मण्डल ने चुनाव डियुटी में कार्यरत मास्टर ट्रेनर कार्मिकों के मानदेय सहित कई समस्याओं एवं सुविधाओं के सम्बंध में लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराते हुए इनके निराकरण की मांग रखी। मुख्य सचिव ने इस सम्बंध में अपर मुख्य सचिव र्कािर्मक मुकुल सिंघल को तत्काल समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिये।
चुनाव ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों मानदेय तय: परिषद
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश ने प्रतिनिधि मण्डल को चुनाव डियुटी में कार्मिकों को बेहतर सुविधा देने का वायदा किया। मुलाकात के दौरान हरिकिशोर तिवारी, महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, संगठन मंत्री संजीव गुप्ता, संयुक्त मंत्री अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव और दिवाकर राय ने मुख्य सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को बताया था कि लोक सभा निर्वाचन में प्रदेष के लगभग सभी कार्मिकों की ड्यूटी लगायी जाती है। जिसमें कुछ दायित्वों को करने वाले कार्मिकों को मानदेय नही दिया जाता है जबकि वे दिन-रात चुनाव कार्य को सम्पादित करते हैं। मास्टर ट्रेनर लगभग एक माह कार्य करते हैं। चुनाव के दौरान तमाम चुनावी व्यवस्थाओं जैसे प्रषिक्षण, अनुपस्थिति सूचना बनाने, पार्टीवार कार्मिकों के लिफाफे बनाना, रिजर्व कार्मिकों की ड्यूटी लगाना, माइक्रो आब्जर्बर एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट लेना, एवीएम का रखरखाव आदि को मानदेय नही मिलता है, जबकि वे महीनों कार्य करते हैं। उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय एवं भोजन नाष्ता की व्यवस्था शासकीय स्तर पर की जानी चाहिये।
बूथों पर महिला कार्मिक हों वहां बाथरूम
जिन बूथों पर महिला कार्मिक हों वहां बाथरूम अवष्य संचालित हो रहे हों। जो महिला कार्मिक 5 माह से अधिक गर्भवती हैं, को चुनाव कार्य से मुक्त रखा जाना चाहिये। आवष्यक होने पर उन्हें शहर में ही दायित्व दिया जाना चाहिये। कार्मिकों को ड्यूटी स्थल पर शुद्ध पेय जल एवं भोजन नाष्ता की व्यवस्था शासकीय स्तर पर की जानी चाहिए।
Published on:
07 Apr 2019 04:27 pm
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