
मौलाना तौकीर रजा ने सोमवार को प्रेसवार्त कर कहा कि विकास दुबे से लेकर आज तक जितने एनकाउंटर हुए हैं। उन सभी के दोषी कोई है तो एक ही आदमी है। उस आदमी को 120बी का मुल्जिम जरूर बनाया जाना चाहिए। जो कहता है मिट्टी में मिला देंगे और मिला देता है।
यूपी तक से बात करते हुए तौकीर ने कहा कि एक तो औरत को मुजरिम बनाया गया है 120 बी का। 120 बी के मुजरिम बनाए जाने चाहिए योगी आदित्यनाथ, लेकिन बनाया गया है शाइस्ता को। उन्होंने कहा, “मैं इस वक्त ये मांग जरूर करना चाहूंगा कि शरीयत के मुताबिक, बेवा (जिसका पति मर चुका हो) पर लाजिम है कि 4 महीने 10 दिन तक वो इद्दत में रहेगी किसी गैर मेहरम को अपनी शक्ल नहीं दिखाएगी।”
उन्होंने कहा कि मेरी अपील है कि शाइस्ता की तलाश की जाए और वो मिल जाए तो उसको बेपर्दा ना किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि वह इद्दत में हैं और जब तक इद्दत पूरी हो उन्हें गिरफ्तार करके हाउस अरेस्ट में रखा जाए।
धरना-प्रदर्शन के ऐलान के बाद किया गया था नजरबंद
तौकीर ने आज से अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया था। इसके चलते उन्हें नमाज के लिए घर से बाहर जाने के लिए भी धक्का-मुक्की करनी पड़ी। तौकीर रजा के घर के बाहर काफी संख्या में पुलिसबल दिखाई दिया। इस दौरान, वे योगी सरकार पर काफी भड़के हुए हैं और यूपी विधानसभा में योगी के भाषण- मिट्टी में मिला दूंगा, की भी काफी आलोचना कर रहे हैं।
यूपी तक से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने किसी के लिए धमकी दी कि मैं तेरा कत्ल कर दूंगा। मैंने कत्ल किया नहीं, किसी और ने कत्ल कर दिया। उसमें मेरे ऊपर केस बनता है या नहीं? उन्होंने सदन में ऐलान किया कि मिट्टी में मिला देंगे और मिट्टी में मिला दिया, केस बनता है या नहीं? मेरा इतना सा सवाल है। अगर केस बनता है तो उन्हें उसका सामना करना चाहिए।”
मुझे ईमानदार जांच की उम्मीद नहींः रजा
उन्होंने आगे कहा, “मैंने आज जो धरना दिया है वो अतीक की हिमायत में नहीं दिया है, बल्कि अदालत की हिमायत में दिया है। अदालत की हिमायत करने वाले अगर आप लोगों की नजर में विलेन हैं तो आप विलेन बनाकर पेश कीजिए। वरना सीधी बात है मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, उनके मंत्रियों-नेताओं ने कहा गाड़ी पलट जाएगी, ऐसा हो जाएगा,वैसा हो जाएगा। इसका मतलब ये कि उन्होंने प्लान बनाया हुआ था कि ये काम करना है। अगर ईमानदार जांच होगी ये तो दोषी पाए जाएंगे, लेकिन मुझे ईमानदार जांच की उम्मीद नहीं है। अगर इंसाफ नाम की कोई चीज बची है और योगी आदित्यनाथ जी के दिल में जरा सी भी मानवता नाम की चीज है, तो उन्हें इस मुकदमे का सामना करना चाहिए और मुकदमा होने तक उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”
Updated on:
20 Apr 2023 08:18 pm
Published on:
20 Apr 2023 08:17 pm

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