
Mayawati
लखनऊ. लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अपनी पहुंच बढ़ाते हुए हरियाणा का रुख किया है। जिससे समाजावादी पार्टी को थोड़ी सी परेशानी हो सकती है। इससे पहले आपको बताएं की ऐसा क्यों, आप ये जान ले कि हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने वहां पर अभय चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के साथ गठबंधन कर लिया है और यह गठबंधन लोकसभा चुनाव में भी जारी रहेगा।
मायावती नरेंद्र मोदी की नेत्रत्व वाली भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं और भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ तीसरा मोर्चा खड़ा करने की तैयारी में जुट गई हैं। यह तीसरा मोर्चा बसपा अध्यक्ष मायावती के नेतृत्व में बनेगा और इसकी घोषणा अभय चौटाला ने बसपा संग आज एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में कर दी है।
थर्ड फ्रंट की नेता होंगी बहनजी-
इंडियन नेशनल लोकदल ने चंडीगढ़ में आयोजिस संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में कहा कि यह गठबंधन थर्ड फ्रंट की नींव रखेगा और इसकी नेता बहन मायावती होंगी। प्रदेश और केंद्र में बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। भाजपा ने प्रदेश को तीन बार जलाने का काम किया है। लेकिन अब बसपा और इनेलो मिलकर प्रदेश में भाईचारा फैलाएंगे। अभय ने आगे कहा अब देश में बदलाव के लिए किसान और दलित को एकजुट होना पड़ा हैं। मायावती के नेत्रत्व में तीसरे मोर्चे की नींव रखी जाएगी और अब गैर कांग्रेस और बीजेपी दल एक जुट होंगे। इनेलो व बसपा विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ेगी।
गैर कांग्रेस दल पर सपा-बसपा की राय जुदा-
अभय चौटाला ने भले ही गैर भाजपा के साथ गैर कांग्रेस दल बनाने की बात कह दी हों, लेकिन इस मसले पर सपा और बसपा की राय जुदा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए महागंठबंधन तैयार होगा जिसमें कांग्रेस पार्टी भी शामिल होगी। मतलब तीसरे मोर्चे में कांग्रेस भी शामिल होगी। वहीं मायावती और अभय चौटाला की पार्टी के बीच हुए इस गठबंधन के बाद यह साफ कहा गया कि यह तीसरा मोर्चा गैर बीजेपी व कांग्रेस होगा। कहा ये भी जा रहा है कि 2019 में महागठबंधन की तस्वीर साफ नहीं हो रही है, इसलिए मायावती ने हरियाणा का रुख किया है। वहीं कांग्रेस के साथ 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भी सपा इस पार्टी के साथ आगे चलने के पक्ष में हैं। वहीं लोकसभा उपचुनाव के बाद बसपा से गठबंधन को मजबूती मिली है, लेकिन कांग्रेस को लेकर दोनों पार्टियों को राय जुदा होने से आगामी लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा के बीच मतभेद पैदा हो सकता हैं।
Published on:
18 Apr 2018 08:44 pm
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