
BSP Chief of National Coordinator Akash Anand: लखनऊ में बसपा कार्यालय पर देश भर से बसपा नेता और कार्यकर्ताओं के साथ बसपा सुप्रीमों मायावती ने बैठक की। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन आकाश आनंद को फिर से मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर बना कर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। बीते दिनों मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था।
बहुजन समाज पार्टी ने तमाम उठापटक के बाद आकाश आनंद को फिर से पार्टी में शामिल किया गया और इस बार उन्हें मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया। ये पद पार्टी में दूसरे नंबर का पद है। बसपा में कुल 5 राष्ट्रीय संयोजक हैं जो अब आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे क्यूंकि अब वो चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर हो गए हैं।
बैठक में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के ऑपरेशन सिंधु सेक्टर में भारतीय सेना द्वारा आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की प्रशंसा की गई। बीएसपी ने इस हमले को पाकिस्तान प्रायोजित बताया और कहा कि आतंक के नाम पर एक बार फिर पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों द्वारा भारत में अस्थिरता फैलाने की साजिश की जा रही है।
मायावती ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और केंद्र सरकार को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा की अनदेखी खतरनाक है और आतंक के खिलाफ ठोस, निर्णायक कार्रवाई समय की मांग है।”
बीएसपी प्रमुख ने केंद्र सरकार पर आतंकवाद की रोकथाम में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “एक बार फिर आतंक का बोलबाला देश में कानून के राज को खत्म कर रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।”
पार्टी ने संगठनात्मक दृष्टिकोण से बड़ा निर्णय लेते हुए ‘बहुजन वालंटियर फोर्स’ को देशभर में सक्रिय करने की घोषणा की। यह संगठन पार्टी की संरचना को मजबूत बनाने और सामाजिक न्याय की दिशा में काम करेगा।
बैठक में सर्वसम्मति से श्री आनंद कुमार को पार्टी का प्रधान महासचिव और एडमिनिस्ट्रेटिव इंचार्ज नियुक्त किया गया। यह निर्णय पार्टी के मिशन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए लिया गया है।
बीएसपी ने उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों में खराब शासन व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की दुर्दशा को लेकर राज्य सरकारों को भी कठघरे में खड़ा किया। बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्र और राज्यों की विफलताओं को रेखांकित करते हुए बीएसपी ने खुद को इन समस्याओं का एकमात्र विकल्प बताया।
पार्टी ने आगामी 29 मई को 'एलेक्ट्र्स डे' के अवसर पर देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत आम जनता को आतंकवाद के खतरों और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर जागरूक किया जाएगा।
बैठक के अंत में मायावती ने कार्यकर्ताओं से देश की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए तन–मन–धन से जुट जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “बीएसपी अब सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि एक मजबूत वैकल्पिक शक्ति के रूप में उभर रही है जो देश को सुरक्षित, समृद्ध और न्यायपूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
बता दें, आकाश आनंद का बसपा में 16 महीने के भीतर दो बार पार्टी से बाहर गए और उन्हें फिर से ज्वाइन कराया गया। आकाश आनंद से साल भर में दूसरी बार कुर्सी छीनी गई है। 7 मई 2024 को आकाश आनंद की गलतबयानी के कारण मायावती ने उनसे सभी जिम्मेदारियां छीन लीं। उन्होंने न केवल आकाश को उत्तराधिकारी पद से हटाया, बल्कि नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से भी हटा दिया।
इस दौरान मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश अभी अपरिपक्व (इमेच्योर) हैं और उन्हें जिम्मेदारियों के लिए और परिपक्व होने की जरूरत है। 47 दिन बाद मायावती ने अपना फैसला बदल दिया। 23 जून 2024 को उन्होंने आकाश आनंद को फिर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी सौंप दी और 18 मई 2025 को उन्हें चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया गया।
अब, एक बार फिर मायावती ने आकाश आनंद से सारी जिम्मेदारियां छीन ली हैं, जिससे पार्टी में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बसपा ने 10 दिसंबर 2023 को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के नेताओं की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मायावती ने अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित किया था। उन्होंने पार्टी की विरासत और राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए अपने भतीजे पर विश्वास जताया था।
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Updated on:
18 May 2025 04:01 pm
Published on:
18 May 2025 03:18 pm

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