
Mayawati
लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर गुजरात में बनी स्टैच्यू आॅफ यूनिटी को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है, साथ ही उन्होंने भाजपा व आरएसएस से बहुजन समाज के लोगों से माफी मांगने के लिए तक कह दिया है।
माफी मांगे भाजपा-
बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर बसपा सुप्रीमो ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने गुजरात में स्टैच्यू आॅफ यूनिटी की पटेल प्रतिमा को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साथा और कहा कि लगभग 3000 करोड़ की लागत से यह मूर्ति बनी है। इसके अनावरण करने के बाद भादपा व आरएसएस एंड कंपनी को बहुजन समाज के लोगों से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों के सम्मान में उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के दौरान लखनऊ व नोएडा में भव्य स्थलों, स्मारकों और पार्कों का निर्माण कराया गया था, उसे यह लोग फिजूलखर्ची बताकर खूब आलोचना करते थे।
प्रतिमा के नामकरण अंग्रेजी में क्यों?
इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा का नामकरण अंग्रेजी में किए जाने पर भी भाजपा को घेरा और इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल बोल-चाल, रहन-सहन में पूर्ण रूप से भारतीय संस्कृति की मिसाल थे, लेकिन भव्य प्रतिमा का नामकरण हिंदी या भारतीय संस्कृति के नजदीक होने की बजाए 'स्टैच्यू आॅफ यूनिटी' रखा गया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी नाम रखने के पीछे कितनी ज्यादा राजनीति है और कितनी श्रद्धा है, यह देश की जनता अच्छी तरह से जान रही है।
भाजपा ने पटेल जी को क्षेत्रवाद की संकीर्णता में बांधा-
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि वल्लभ भाई पटेल, डॉ भीमराव आंबेडकर की तरह एक राष्ट्रीय व्यक्ति थे। उनका सम्मान भी था, लेकिन भाजपा व केंद्र सरकार ने उन्हें क्षेत्रवाद की संकीर्णता में बांध कर रख दिया है। बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि पटेल विशुद्ध रूप से भारतीय संस्कृति व सभ्यता के पोषक थे, लेकिन उनकी प्रतिमा पर विदेशी निर्माण की छाप उनके सभी समर्थकों को हमेशा परेशान करेगी।
Published on:
31 Oct 2018 04:38 pm
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