
Modi mayawati
लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज कालेधन व जीएसटी के एक साल पूरे होने पर पीएम मोदी व केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज GST को लागू हुए एक साल पूरे हो गए हैं। इसकी समीक्षा कर सरकार को इसकी कमियों दूर करनी चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी से सवाल किया है कि सरकार भगोड़ों को रोकने में कामयाब क्यों नहीं है?यहां के बिजनेसमैन भारतीय बैंकों से लोन लेकर अपना कारोबार बढ़ाते हैं और फिर यहां से पैसे लेकर फरार हो जाते हैं। देश के लोग इंतजार कर रहे है कि केंद्र की सरकार कोई कार्रवाई करेगी, लेकिन वो तो असहाय नजर आ रही है। देश को उस दिन का इंतजार है जब कालेधन को लेकर पीएम मोदी कुछ बोलेंगे। लेकिन वो इन मामलों में इसलिए चुप है, क्योंकि जो लोग ये काम कर रहे हैं वे बीजेपी के नजदीकी हैं। इसी कारण वर्तमान में बीजेपी के पास सबसे ज्यादा पैसा है। यह सबसे धनी पार्टी है।
15 लाख रुपए देने वाले थे, उन वादों का क्या हुआ-
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीते दिनों एक रिपोर्ट मीडिया में आई थी जिसमें यह दावा किया गया था कि स्विस बैंकों में कालेधन में करीब 50 फीसदी की बढोतरी हुई है। क्या स्विस बैंकों में कालेधन में बढोतरी की जिम्मेदारी मोदी सरकार लेगी? मोदी सरकार अगर पूंजीपतियों और धन्नासेठों की सरकार नहीं है तो गरीब ज्यादा गरीब और अमीर ज्यादा अमीर क्यों हो रहे हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आने से पहले देश के हर नागरिक के खाते में 15-20 लाख रुपए पहुंचाने का वादा किया था। उन वादों का क्या हुआ?
"जनता कर रही कालेधन वापस आने का इंतजार"-
मायावती ने आगे कहा कि जनता को आज भी कालेधन वापस आने का इंतजार है। पीएम मोदी ने कालेधन लाने का वायदा किया था, लेकिन इस मामले में अभी तक कुछ भी नहीं हो पाया है। अपनी नाकामयाबियों को छिपाने के लिए बीजेपी फिर से हेट पॉलिटिक्स की शुरुआत कर चुकी है। इसी वजह से जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने महबूबा मुफ्ती का दामन छोड़ दिया था।
महागठबंधन पर मायावती का बयान-
इस दौरान मायावती ने 2019 चुनाव के लिए हो रहे महागठबंधन पर कहा कि जातिवादी और जनविरोधी भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी पार्टियों का एकजुट होना जनहित का बड़ा काम होगा। विपक्षी एकता से बीजेपी के पेट में दर्द क्यों हो रहा है?
Published on:
01 Jul 2018 02:26 pm
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