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मायावती ने कहा, मोदी का भाषण सरकारी प्रेस नोट की तरह

बसपा सुप्रिमो मायावती ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है और उनके द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भाषण की खूब आलोचना की है।

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Abhishek Gupta

Aug 16, 2016

Mayawati Modi

Mayawati Modi

लखनऊ. बसपा सुप्रिमो मायावती ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है और उनके द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भाषण की खूब आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान
और पीओके पर पीएम का बयान सिर्फ भाषणबाजी से ज्यादा और कुछ नहीं। पीएम का
लालकिले से भाषण एक दम नीरस था और सरकारी प्रेस नोट की तरह लग रहा था।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण से देश की तस्वीर नहीं सवरेगी न
ही देश का कोई भला होने वाला नहीं है।

बसपा
प्रमुख ने आगे वार करते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री के भाषण से लोगों में किसी प्रकार का जोश और
उम्मीद जगाने जैसी कोई बात नहीं दिखी। उन्होंने भाषण में मेरी सरकार की
बजाय मैंने मैंने पर ज्यादा जोर दिया। मायावती ने कहा कि मोदी के भाषण में वही था जो पिछले 1
साल से लोग सरकार के अन्य मंत्रियों से सुनते आ रहे थे। मोदी का बखान भाषणों में ज्यादा होता है, इसीलिए लोग उनसे परेशान हैं।

मोदी के भाषण से न्यायपालिका भी मायूस: मायावती

मायावती
ने कहा कि यह सरकार गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई कम करने में असफल साबित
हुई है। मोदी सरकार दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और किसान विरोधी सरकार है. यह
सिर्फ पूंजीपतियों को समर्पित सरकार है। मायावती ने यह भी कहा की मोदी के
भाषण से आम जनता के साथ-साथ न्यायपालिका भी मायूस हुई है। सुगम न्याय के
मामले में भी केंद्र सरकार का रवैया उदासीन ही नहीं बल्कि नकारात्मक है।

कश्मीर
के हालात पर भी मायावती ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को
वहां पर सामान्य स्थिति बहाल करने के जल्द से जल्द प्रयास करने चाहिए.