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मिशन 2017- अगली बारी, अखिलेश की पारी

अब तैयार होगी अखिलेश की टीमदागी और काम न करने वाले हटाए गए

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Ankur Dwivedi

Oct 31, 2015

Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav

लखनऊ. सपा के शीर्ष नेतृत्व ने यूपी के सीएम अखिलेश यादव को अब खुली छूट दे दी है। पार्टी की ब्रिग्रेड की बिगड़ रही छवि को देखते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कडा़ कदम उठाया और साथ में यह हिदायत दे दी गई है कि डोंट इंटरफियर। अब अखिलेश फ्री हैंड से इस प्रदेश की सत्ता संभालेंगे। इस कार्यवाही से यह संदेश साफ साफ जाता है कि सपा ने मिशन 2017 को देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खुला मैदान दिया है। मुख्यमंत्री के इस एक्शन में उन लोगों को निशाना बनाया गया है, जो कहीं न कहीं और किसी न किसी रूप में या तो दागी रहे हैं अथवा अपने-अपने विभाग में काम नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही ऐसे मंत्रियों को भी हटाया गया हैं, जिन्होंने संगठन के लिए भी काम नहीं किया। जानकारों का मानना है कि अगली बारी-अखिलेश की पारी नारे के साथ सपा चुनाव के लिए उतरेगी।

सीनियर नेताओं को हटाने का मिला मौका

बीते दिनों सपा के बडे नेताओं की एक बैठक हुई थी। उस बैठक के बाद पार्टी के महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि पार्टी जल्द ही कठोर कदम उठाने जा रही है। दागी और निष्क्रिय मंत्रियों को हटाने का अखिलेश यादव के पास यह सबसे अच्छा मौका था। इसीलिए जहां उन मंत्रियों को उनके विभाग से हटा दिया, जिनसे वे कडक आवाज में बात भी नहीं कर पाते थे। इसमें स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभाल रहे अहमद हसन और अम्बिका चौधरी जैसे वरिष्ठ मंत्री मुख्य हैं। अहमद हसन स्वास्थ्य विभाग में न तो अपनी हनक बना पा रहे थे और न ही ऐसी जन कल्याण की योजनाएं लांच कर पा रहे थे, जिससे आम जनता को तात्कालिक राहत मिले। अम्बिका चौधरी भी इसी प्रकार अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे थे। राम गोविंद चैधरी, महबूब अली, ब्रह्म शंकर त्रिपाठी, अम्बिका चैधरी, पारस नाथ यादव, दुर्गा प्रसाद यादव के विभाग भी इसीलिए छीने गए, क्योंकि ये विवादों के घेर में फंसते जा रहे थे।
सीएम ने नाराजगी का एहसास कराया था

यही नहीं मुख्यमंत्री ने करीब आठ महीने पहले अपनी नाराजगी का एहसास पूरे मंत्रिमंडल को कराया था और कई मंत्रियों के विभागों में फेर बदल भी किया था। लेकिन उसका नतीजा सिफर रहा।

नकारा मंत्रियों को दिया झटका

इस बार मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन सभी दागी मंत्रियों को झटका दिया जो नकारा रहे हैं। शिवाकांत ओझा, अरिदमन सिंह, योगेश प्रताप सिंह, अम्बिका चौधरी नाराद राय, शिव कुमार बेरिया, आलोक कुमार शाक्य, भगवत शरण गंगवार आदि अखिलेश सरकार ऐसे मंत्रियों की श्रेणी में थे जिनसे न तो सरकार की छवि बनी और न ही उन्होंने पार्टी के संगठन में कोई सहयोग दिया। इन मंत्रियों को लगातार आगाह किया जा रहा था पर उन्होंने अपने में सुधार नहीं किया। लघु उद्योग विभाग के मंत्री पार्टी और सरकार का काम करने के बजाय विदेश यात्राएं ही करते रहे। नारद राय ने अपने किसी भी विभाग में काम नहीं किया। इसी प्रकार शिव कुमार बेरिया अपने गृह जनपद कानपुर की जनता को ही खुश नहीं रख सके ।

दागी मंत्रियों को नमस्ते, लिस्ट अभी और भी है

मुख्यमंत्री ने दागी मंत्रियों को बाय-बाय कह दिया है। इनमें वे मंत्री शामिल हैं जो विभिन्न विवादों में फंसे रहे हैं। इनको नमस्ते इस लिए भी किया गया, क्योंकि ऐसे मंत्रियों की खराब छवि का असर सरकार के काम काज पर भी पड रहा था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी छवि सुधारने के लिए जो यह कदम उठाया है। इससे जाहिर है कि सपा नेतृत्व ने मिशन 2017 के लिए अखिलेश के लिए खुला मैदान छोड दिया है और वे अगली बारी अपनी पारी मन मुताबिक खेल सकें।