
अस्पतालों में आ रहे नए केस, मां निगेटिव पर मगर नवजात कोरोना पॉजिटिव, डॉक्टर्स भी हैरान
लखनऊ. राजधानी में कोरोना महामारी (Covid-19) का प्रकोप जानलेवा होता जा रहा है। हर दिन रिकॉर्ड नए मरीज सामने आ रहे हैं। सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि छोटे बच्चे व नवजात भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। अभी तक गर्भस्थ शिशु को कोरोना के खतरे से दूर बताया जा रहा था। मगर अब नवजात भी कोरोना के शिकार हो रहे हैं। लखनऊ के क्वीन मेरी अस्पताल में इस तरह के दो मामले सामने आए हैं। इसके अलावा झलकारीबाई हॉस्पिटल में भी बीते सप्ताह एक नवजात में कोरोना की पुष्टि हुई जबकि मां निगेटिव थी। नवजात में कोरोना के मामलों को लेकर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ भी हैरान हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस पर रिसर्च चल रही है।
गर्भवस्था या प्रसव के समय हो सकता है इंफेक्शन
क्वीन मेरी हॉस्पिटल की विभागाध्यक्ष व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा सिंह का कहना है कि यह माना जा रहा है कि मां से बच्चे को गर्भवस्था या डिलीवरी प्रॉसेस के दौरान भी इंफेक्शन हो सकता है। इसे लेकर शोध जारी है। मगर मां के सुरक्षित होने के बाद भी नवजात के संक्रमित होने की संख्या अभी बहुत ही कम है। अभी सिर्फ एक से दो फीसद मामलों में ही यह पाया गया है कि नवजात शिशु में मां के जरिए कोविड इंफेक्शन हो सकता है। हो सकता है मां के प्लेसेंटा या ब्रेस्ट मिल्क के जरिए बच्चे में वायरस पहुंचा हो। फिलहाल ट्रांसमीशन पर स्टडी की जा रही है। उन्होंने बताया कि उनके अस्पताल में अभी सिर्फ दो ऐसे मामले आए हैं। एक केस जुलाई में व बीते 11 अगस्त को डालीगंज निवासी एक गर्भवती की नॉर्मल डिलीवरी की हुई थी। जिसमें नवजात की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।
पीपीई किट पहन कर कर रहे इलाज
आठ अगस्त को मोहनलालगंज निवासी गर्भवती महिला की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी जबकि डिलीवरी के बाद उसके बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। डिलीवरी के समय पूरी प्रसव या सीजेरियन कराने वाली टीम पीपीई किट के अलावा सभी गाइड लाइन का पालन करती है। ऐसे में बच्चे में संक्रमण कैसे पहुंचा, यह भी शोध का विषय है।
Published on:
19 Aug 2020 12:13 pm
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