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Mother’s Day Special: मेरी मां नहीं होती तो आज मैं लखनऊ का DM नहीं होता- राजशेखर

डीएम राजशेखर ने बयां की अपनी अनसुनी कहानी।

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Prashant Mishra

May 08, 2016

raj shekhar's maa

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लखनऊ. मां का हमारे जीवन में क्या महत्व हैं इसे शायद कोई भी समझ न पाए, लेकिन वहीं है जो हमारे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़ी होती हैं। बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी चाह के वो हमारी कुशलता की कामना करती हैं।
एक मां का बहुमूल्य आशीर्वाद ही है जिसकी वजह से हम जीवन में सफलता हासिल करते हैं। और इस बात को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर से बेहतर कौन जानेगा।

डीएम
राजशेखर आज जिस मुकाम पर हैं उसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनकी मां का विश्ववास और आशीर्वाद है। ये हम नहीं वो खुद कहते हैं और साथ अपनी जीवन की अनसुनी कहनी को भी बयां करते हैंष

लखनऊ के डीएम राजशेखर का कहना है कि मेरे जीवन में मां की अहम भूमिका है और मेरी कामयाबी में उनका बहुत बड़ा योगदान है।


मां ने नहीं लिया होता ये फैसला तो राजशेखर नहीं बन पाते डीएम-

शायद ही आपको पता हो कि डीएम राजशेखर के जीवन में एक ऐसा पड़ाव आया था जिसे पार करने में यदि उनकी मां ने उनका साथ नहीं दिया होता, तो शायद वे आज आईएएस नहीं बन पाते। साल 2001 में राजशेखर की कर्नाटक में सरकारी नौकरी लग गई थी। नौकरी लगने के बाद घर में खुशी का महौल था, लेकिन राजशेखर उस नौकरी को नहीं करना चाहते थे। बल्कि इस नौकरी को छोड़ के आईएएस के लिए तैयारी करना चाहते थे, लेकिन इस सरकारी नौकरी को छोड़ के सिविल की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था।

ऐसी परिस्थिति में राज शेखर ने तो मन ही मन में नौकरी छोड़ के आईएएस की तैयारी के लिए दिल्ली में रहने का प्लान बना लिया था। कहीं न कहीं पारिवारिक दबाव उन्हें ऐसा करने से रोक रहा था। इस दुविधा की स्थिति में मां ने उनकी मदद की व आईएएस की तैयारी करने के लिए पूरी छूट दी और परिवार के सदस्यों को समझाते हुए कहां कि यदि शेखर को विश्वास है कि वो आईएएस बन सकता है तो उसे तैयारी करने की पूरी आजादी है।

मां के इस फैसले ने तो जैसे शेखर के आत्मविश्वास को दोगुना कर दिया। राजशेखर का कहना है कि अगर मां ने सही समय पर ये फैसला नहीं लिया होता तो शायद मैं अपना इरादा बदल लेता व आज आईएएस नहीं बन सकता।