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जो देख नहीं सकते उन्हें दिखा रहीं भविष्य का रास्ता, ओलम्पिक खेलों की तैयारी के जुनून में मुफ्त दे रहीं जूडो की ट्रेनिंग

खेल जगत में लड़कियों और छोटे बच्चों को ट्रेनिंग देकर उनमें कुछ कर गुजरने का जज्बा भरने वाली जया साहू बताती हैं कि वह कई वर्षों से बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दे रही हैं। वर्तमान में वह केडी सिंह बाबू स्‍टेडियम में छोटे-बड़े, मूक-बधिर सहित हर तरह के बच्चों को ट्रेनिंग दे रही हैं।

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Jaya Sahu

करिश्मा लालवानी

शहरों की चकाचौध हो या गांवों का सन्नाटा, खेतों की डगर हो या हाइवे का सफर, जब भी एक लड़की अकेली निकलती है। सबसे पहले उसे बदमाशों का डर उसे और उसके परिवार को बस सबसे ज्यादा उसकी सुरक्षा का डर सताता है। ऐसे में हर लड़की को अपनी सुरक्षा करने का संदेश दे रही हैं नेशनल प्लेयर जया साहू। जया उत्तर प्रदेश में गांव-गांव जाकर लड़कियों को सेल्फ डिफेंस को अपना करियर बनाने की ट्रेनिंग दे रही हैं। खेल जगत में लड़कियों और छोटे बच्चों को ट्रेनिंग देकर उनमें कुछ कर गुजरने का जज्बा भरने वाली जया साहू बताती हैं कि वह कई वर्षों से बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दे रही हैं। वर्तमान में वह केडी सिंह बाबू स्‍टेडियम में छोटे-बड़े, मूक-बधिर सहित हर तरह के बच्चों को ट्रेनिंग दे रही हैं।

स्कूल से हुई शुरुआत

नेशनल प्लेयर जया साहू इस समय दूसरों को आत्मरक्षा का गुर सिखा रही हैं। कड़ी मेहनत और लगन से सफलता अर्जित कर अमीना दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी हुई है। इसकी शुरुआत कहीं न कहीं बचपन से ही हो गई थी।

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जया ने बताया कि वह बचपन से ही जूडो खेलने की शौकीन रही हैं। स्कूल कैंप के दिनों से ही वह स्पोर्ट्स में काफी एक्टिव रही हैं। यही वो उम्र है जहां से उनके खेल की दुनिया में अपना एक मुकाम हासिल करने का सफर शुरू हो गया।

मां ने पहचाना था हुनर

जया के हुनर की पहचान सबसे पहले उनकी मां ने की था। शुरुआत में घर वालों ने सपोर्ट नहीं किया था लेकिन मां से उन्हें हमेशा सपोर्ट मिलता रहा। उनकी मां ही थीं जिन्होंने उनकी कला और उनके टैलेंट को पहचान कर उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

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गांव में दी है ट्रेनिंग

जया और उनकी टीम ने गांव में भी बच्चों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी है। खासतौर से वह बच्चे जो देख-सुन नहीं सकते। जया ने बताया कि योगी सरकार के आत्मनिर्भर अभियान के तहत गांव के माध्यमिक स्कूल में जाकर बच्चों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी है। उनका सपना है कि वह इसी खेल से राष्ट्र का नाम रोशन करें।

कई उपलब्धियां की अपने नाम

जया इंडियन ब्लाइंड पैरा जूडो एसोसिएशन से जुड़ी हैं। उनके नाम कई उपलब्धियां हैं। वह नेशनल जूडो ब्लैक बेल्ट चैंपियन रह चुकी हैं। 1996 में जूनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप जीती थी। जनवरी 2018 में जम्मू में जूडो से जुड़ी प्रतियोगिता में भाग लेकर अपना हुनर दिखाया था।

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