
Mulayam Singh Yadav, Shivpal Singh Yadav
लखनऊ. समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक व संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को फिर से चरखा दांव चला। अबकी बार इस दांव से उनके छोटे भाई व उनके करीबी माने जाने वाले शिवपाल सिंह यादव को ही करारा झटका लगा। वे चारों खाना चित्त होकर गिरे दिखाई दिए। बड़े जोर-शोर से शिवपाल समर्थकों ने मुलायम सिंह यादव की सोमवार को प्रेस कॉन्फेंस बुलाई थी। इस प्रेस कॉन्फेंस में मुलायम और शिवपाल दोनों को बोलना था, लेकिन मुलायम ने वही बोला जो वे कहना चाहते थे, लेकिन शिवपाल आए ही नहीं। मुलायम ने कह दिया कि वे मैनपुरी में हैं, जबकि थोड़ी देर बाद सूचना आई कि वे अपने घर पर हैं और दोपहर दो बजे पत्रकारवार्ता करेंगे। हालांकि, मीडिया शिवपाल यादव का इंतजार करता रह गया, पर वे प्रेस को फेस करने नहीं आए।
पत्र पढऩे से ही कर दिया इनकार
कहा जा रहा है कि मुलयम सिंह यादव अपनी प्रेस कॉन्फेंस में एक पत्र पढऩे जा रहे थे, जिसे कथित तौर पर पूरी तौर से उनके भाई शिवपाल सिंह यादव के इशारे पर तैयार कराया गया था। उस पत्र में मुलायम सिंह ने लिखा था कि वे समाजवादी पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष की उपेक्षापूर्ण रवैये से काफी नाराज हैं, इसलिए नई पार्टी के गठन की घोषणा करने जा रहे हैं। हालांकि, ऐन कार्यक्रम के वक्त मुलायम ने यह पत्र पढऩे से इनकार कर दिया। यहां तक कि प्रेस कॉन्फेंस के साथ उन्हे वह पत्र दोबारा पकड़ाया गया था, जिसे लेने से उन्होंने इनकार कर दिया और बगल में बैठे सपा के पूर्व विधायक शारदा प्रताप शुक्ल को सौंप दिया।
शिवपाल कॉन्फेंस कॉन्फेंस निरस्त
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुलायम सिंह यादव अपने बेटे को धोखेबाज तो बताते रहे, पर यह भी कहने से नहीं चूके कि बाप बेटे में झगड़े और मन मुटाव तो होता ही रहता है। कभी मैं उसे माफ भी कर सकता हूंं। मैं समाजवादी हूूं और रहूंगा। इधर नाराज शिवपाल समर्थक पहले तो शिवपाल के गुणगान में नारे लगा रहे थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव का रूख देखकर बोले- जो नेताजी कहेंगे हम वही करेंगे। इसके बाद शिवपाल सिंह यादव ने लोहिया ट्रस्ट पर बैठक बुलाई और यह संदेश आया कि वे प्रेस को संबोधित करेंगे। पर वह भी बाद में निरस्त हो गया। वे अपने घर में रहे और मीडिया से दूरी बनाए रहे।
Published on:
25 Sept 2017 05:06 pm
