
नेताजी की सियासत, मुलायम के चरखा दांव से अखिलेश-शिवपाल समर्थक असमंसज में
महेंद्र प्रताप सिंह
लखनऊ.समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर चरखा दांव चल दिया है। मुलायम की इस चाल से अखिलेश यादव और शिवपाल समर्थक हैरान हैं। वे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर मुलायम समाजवादी पार्टी के साथ हैं या फिर समाजवादी प्रगतिशील पार्टी के साथ। लखनऊ में लगे अखिलेश और शिवपाल दोनों के ही पार्टियों के पोस्टरों में मुलायम सिंह यादव की फोटो प्रमुखता से लगी है। ऐसे में दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता असममंजस में हैं। मुलायम कभी अखिलेश के पक्ष में दिखते हैं तो कभी शिवपाल के।
सपा से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव के कार्यक्रम में शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव ने शिरकत की। लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में मुलायम ने एक घंटे से अधिक का समय शिवपाल के साथ बिताया। दोनों नेताओं के बीच प्रफुल्लित वातावरण में बातचीत हुई। शिवपाल सिंह यादव ने समाजवाद के पुरोधा डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्य तिथि पर लोहिया ट्रस्ट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के तमाम पुराने कार्यकर्ताओं के अलावा पूर्व विधायक और राज्यसभा सदस्य भगवती सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम में मुलायम ने शिवपाल की तारीफ की और जोर देकर कहा कि हर गलत काम का विरोध होना चाहिए। मुलायम के इस बयान के अलग-अलग निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
चाचा-भतीजे की अदावत जगजाहिर
मुलायम सिंह यादव और उनकी सियासत को समझना आसान नहीं है। शिवपाल और अखिलेश की अदावत जगजाहिर है। मुलायम कभी शिवपाल के पक्ष में खड़े नजर आते हैं तो कभी अखिलेश यादव के। लेकिन मुलायम ने कभी किसी मंच पर नहीं कहा कि वह किसके साथ हैं। इसके पहले जब अखिलेश यादव से अलग होकर शिवपाल ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाया था तब दूसरे ही दिन सुबह मुलायम समाजवादी पार्टी के दफ्तर पहुंच कर अखिलेश की सराहना की थी। बाद में वह फिर सपा दफ्तर गए थे। शिवपाल ने पहले अपनी गाड़ी में लगे झंडे में एक तरफ मुलायम की तस्वीर छपवायी थी तो दूसरी तरफ अपनी। बाद में उन्होंने इस झंडे को उतार दिया था।
अखिलेश के कार्यक्रम में नहीं गए थे मुलायम
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। मुलायम के बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि एक दिन पहले लखनऊ में रहने के बाद भी मुलायम सिंह समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। जबकि जय प्रकाश नारायण की जंयती पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए थे।
क्या कहा शिवपाल ने
समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक और समाजवादी प्रगतिशील पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का आशीर्वाद हमारे साथ था, है और रहेगा। हम तो राजनीति में नेताजी के आदर्श पर चलते हैं। नेताजी हमारे साथ हैं तो हम लोग डॉ. लोहिया के आदर्शों पर चलते हुए क्रांति लाएंगे।
क्या बोले मुलायम
समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के कार्यक्रम में मुलायम सिंह यादव ने कहा कि गलत काम का विरोध होना चाहिए। अगर भाई भी अपने छोटे भाई के साथ अन्याय करे तो उसका विरोध करो। यह लोहिया जी की विचारधारा थी और मैं भी इससे सहमत हूं। इसलिए अन्याय कहीं भी हो, परिवार में हो, गांव में हो, शहर में हो, विरोध करना चाहिये। लोहिया जी ने भी हमेशा न्याय का साथ दिया और हर जगह पर अन्याय का विरोध किया।
Published on:
12 Oct 2018 05:26 pm
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