Lucknow Murder News: लखनऊ में एफसीआई अफसर की पत्नी की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया है। 35 वर्षीय अनामिका सिंह की हत्या टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बनकर पहुंचे नौकर के दोस्त ने की थी।
Lucknow Murder News: लखनऊ में एफसीआई अफसर की पत्नी की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया है। 35 वर्षीय अनामिका सिंह की हत्या टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बनकर पहुंचे नौकर के दोस्त ने की थी। आरोपी ने घर में घुसते ही अनामिका सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ 33 वार किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सिर पर भी भारी चीज से प्रहार किया था। आरोपी ने पहले टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बनकर अनामिका के नंबर पर डिवाइस अपग्रेड करने का मैसेज भेजा था। पुलिस ने आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि रची गई साजिश के तहत एफसीआई अफसर के नौकर अर्जुन सोनी का साथी इटौंजा निवासी वीरेंद्र कुमार यादव लूट करने पहुंचा था। इस दौरान अनामिका ने मोर्चा ले लिया था। तब उसने चाकू से गोदकर मार दिया और फरार हो गया। पुलिस ने शनिवार को आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी ने पूरी वारदात कुबूली है।
नृशंसता की सारी हदें पार कर दीं
हत्या के आरोपी वीरेंद्र यादव ने नृशंसता की सारी हदें पार कर दीं। अनामिका पर चाकू से 33 बार वार किए। शरीर का कोई ऐसा हिस्सा नहीं था जहां पर जख्म न हो। पूरा शरीर ही छलनी कर दिया। आखिरी सांस तक चाकू से गोदता रहा। सिर पर भी भारी चीज से एक बार वार किया। ये खुलासा अनामिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। गर्दन, चेहरे व सिर पर ही 15 वार हैं, शरीर के बाकी हिस्सों पर जख्म के 18 निशान हैं। शनिवार को जब अनामिका के पिता दुबई से लखनऊ पहुंचे तब पोस्टमार्टम कराया।
जो नौकर अर्जुन सोनी ढाई साल से आदर्श के घर पर रह रहा था उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया। इसमें भी लापरवाही बरती। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि बृहस्पतिवार को वीरेंद्र, अर्जुन साहू से मिलने पहुंचा था। तब उसका मकसद था रेकी करना। रेकी करने के दूसरे ही दिन वारदात को अंजाम दिया। वहीं जब वारदात को अंजाम देकर वीरेंद्र भाग गया था तब अर्जुन ने आदर्श को फोन कर बताया था कि अनामिका का कोई कत्ल करके चला गया है।
जिसे पनाह दी, उसी ने जिंदगी छीन ली
अनामिका के परिजन वारदात के बाद से स्तब्ध हैं। परिजनों ने बताया कि जब इस घर में केवल नौकर अर्जुन रहता था तब आदर्श उससे मामूली किराया लेते थे। जब वह यहां रहने आए तो पहले तीसरी मंजिल पर उसका कमरा बनवाया। ताकि उसे कोई दिक्कत न हो। किराया भी माफ कर दिया था। मदद भी करते रहते थे।
आरोपी ने ऐसे किया था अनामिका से संपर्क
एफसीआई अफसर की पत्नी अनामिका की हत्या करने के लिए आरोपियों ने नायाब तरीका अपनाया। एक दिन पहले एक फर्जी मैसेज अनामिका को भेजा। इसे टेलीकॉम कंपनी का दर्शाया। उसमें अपना नंबर भी लिखा। अनामिका ने मैसेज आदर्श को फॉरवर्ड कर दिया। तब आदर्श ने उस नंबर पर संपर्क किया।
वीरेंद्र ने कॉल रिसीव कर खुद को कंपनी का कर्मचारी बता इंटरनेट प्लान अपग्रेड करनी की बात कही। इसके बाद दूसरे दिन यानी शुक्रवार को उसका उनके घर पर आना तय हुआ। ये पूरा खेल वीरेंद्र ने इसलिए किया जिससे वह अनामिका के घर के भीतर दाखिल हो सके।