
Nagar Nigam Election 2017
लखनऊ. यूपी निकाय चुनाव के लगभग सभी नतीजे आ गए हैं। यूपी के 16 नगर निगमों में से बीजेपी ने 14 पर जीत का परचम लहराया है, केवल दो सीटें मेरठ और अलीगढ़ में बसपा को जीत मिली है। यूपी निकाय चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत गुजरात के लिए बड़ी संजीवनी का काम कर सकती है। भाजपा की निकाय चुनावों में भारी जीत सपा और बसपा के लिए संकट की घरी है। माना जा रहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद भाजपा को इन निकाय चुनावों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जिस तरह से बीजेपी ने सपा, बसपा, कांग्रेस, आप को पटखनी देते हुए भारी जीत दर्ज की है, उसके पीछे ये पांच कारण हो सकते हैं।
मोदी का जलवा अभी है कायम
पीएम नरेंद्र मोदी ने भले ही यूपी निकाय चुनावों में प्रचार न किया हो लेकिन यह बहुत बड़ा सच है कि निकाय चुनाव में भी बीजेपी की जीत के पीछे मोदी की लहर ही है। हकीकत यह है कि जमीनी स्तर पर अब भी लोग मोदी के नाम पर ही वोट डाल रहे हैं और मोदी सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों के हक में है। जनता ने योगी को पसंद किया है और प्रचंड जीत से निकाय चुनाव में जिताया है।
रंग लाई योगी की मेहनत
सीएम बनने के बाद योगी के लिए यह बड़ा चुनाव था, सीएम के लिए यह चुनाव अग्रि परीक्षा था। इस चुनाव को योगी सरकार के लिए लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा था। लेकिन जब रिजल्ट आए तो योगी सरकार के पक्ष में परिणाम गए। इससे यह साबित हो गया कि योगी सरकार इस टेस्ट में अच्छे मार्क से पास हो गई। इससे तो यह साफ लग रहा है कि योगी सरकार ने पिछले आठ महीनों में जो भी कदम उठाए उसे जनता ने अपनी सहमति दी और बीजेपी को निकाय चुनावों में प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई। यूपी में योगी सरकार के चाहे वह अवैध बुचडख़ानों को बंद कराने के फैसले हों, पुलिस विभाग में बदलाव हो या एंटी रोमिया स्क्वायड बनाने का काम हो, जनता इस सबसे खुश दिख रही है तभी तो जनता ने योगी को अपना समर्थन दिया और बीजेपी के पक्ष में वोट किया।
नोटबंदी
नोटबंदी पर यूपी की जनता भाजपा सरकार के साथ है यह तो यूपी विधानसभा चुनाव में ही जनता ने बीजेपी को जिता कर बता दिया था। अब निकाय चुनाव में बीजेपी को मिले प्रचंड जीत ने एक बार फिर से मुहर लगा दिी है कि नोटबंदी जैसे क्रांतिकारी कदम के बाद लोगों का भरोसा भाजपा पर और बढ़ गया है। जीएसटी का भी कोई नकारात्मक असर यूपी की जनता पर नहीं हुआ ऐसा ही दिख रहा है।
बनाई ऐसी योजना और दे दी सबको मात
भाजपा ने निकाय चुनाव को काफी गंभीरता से लिया। इस चुनाव के लिए बीजेपी ने एक विस्तृत योजना बनाई और पूरी रणनीति के साथ चुनाव में उतरे। इस चुनाव में योगी आदित्यनाथ व अन्य पार्टी नेताओं ने 40-40 सभाएं की। वहीं दूसरी तरफ अन्य पार्टी के नेताओं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव , बीएसपी सुप्रीमो मायावती कोई इस चुनाव के लिए प्रचार करने तक नहीं आया। इसका भी लाभ भाजपा को हुआ।
कायम है शहरी वोटरों में भाजपा की पैठ
यूपी के निकाय चुनावों में यह फिर से साबित हो गया कि शहरी वोटर आज भी भाजपा के साथ हैं। भाजपा की शहरी वोटरों में हमेशा से अच्छी पैठ रही है और इस बार भी इन वोटरों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया है और इसका पूरा फायदा बीजेपी को मिला है। शहर का युवा वर्ग भाजपा का वोटर माना जाता है और निकाय चुनाव में यह भाजपा के जीत का बड़ा कारण बना।
Published on:
01 Dec 2017 05:00 pm
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