
Lucknow news: आयकर विभाग ने नंद किशोर चतुर्वेदी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। इसके अनुसार नंद किशोर चतुर्वेदी ने अपनी काली कमाई से रियल एस्टेट का बड़ा अंपायर खड़ा किया। दरअसल, शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी नंद किशोर चतुर्वेदी के कई ठिकानों पर छापेमारी की। नंद किशोर चतुर्वेदी ने कई कंपनियों में अपना रुपया इन्वेस्ट किया है। आयकर विभाग का कहना है कि नंद किशोर चतुर्वेदी को मोहरा बनाकर महाराष्ट्र का बड़ा राजनीतिक घराना विभिन्न कंपनियों में अपनी काली कमाई इन्वेस्ट कर रहा है।
आयकर विभाग की जांच में नंदकिशोर चतुर्वेदी का नाम सामने आने से महाराष्ट्र के राजनीतिक घराने में खलबली मच गई है। महाराष्ट्र के पूर्व भाजपा सांसद किरित सोमैया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि नंदकिशोर महाराष्ट्र के एक बड़े राजनीतिक घराने का काला धन हवाला के जरिये विभिन्न कंपनियों में निवेश करता है। अब आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है?
दरअसल, मथुरा निवासी हवाला कारोबारी नंद किशोर चतुर्वेदी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे से जुड़ी तीन कंपनियों में पार्टनर रह चुका है। ये कंपनियां कोमो स्टॉक एंड प्रॉपर्टीज, वत्सला ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड और प्राइम टेक्स ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड हैं, जिससे आदित्य ठाकरे जुड़े रहे हैं। बाद में नंदकिशोर वाराणसी निवासी रोहित सहाय की कंपनियों में भी निदेशक बना, जिसकी वजह से पूरा मामला आयकर विभाग की नजरों में आ गया।
शुक्रवार को रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े पिनटेल, अमरावती और एक्सेला ग्रुप के ठिकानों पर छापों के दौरान नंद किशोर चतुर्वेदी का नाम सामने आने से आयकर विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र के राजनीतिक घराने के सदस्यों के साथ मिलकर कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये इधर से उधर करने वाले नंद किशोर के फर्जीवाड़े का जब प्रवर्तन निदेशालय ने खुलासा किया तो उसने पिनटेल ग्रुप के रोहित सहाय और अमरावती ग्रुप के रवि प्रकाश पांडेय के साथ मिलकर कंपनियों का मायाजाल फैलाना शुरू कर दिया।
ये कंपनियां कोलकाता में रजिस्टर कराई गई थी, जिनके जरिए लखनऊ समेत कई शहरों में बेशकीमती संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की गई। चंद वर्षों में रोहित सहाय ने 37 जबकि रवि प्रकाश पांडेय ने 32 कंपनियां खोली। अब आयकर विभाग के अधिकारी इन कंपनियों में निवेश की गई रकम का मनी ट्रेल पता लगा रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन कंपनियों में महाराष्ट्र के बड़े राजनीतिक घराने के अलावा यूपी के तमाम राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स की काली कमाई को खपाया गया है।
जांच में पता चला है कि इस राजनीतिक घराने के अरबों रुपये लखनऊ के रियल एस्टेट प्रोजेक्टों में लगाए गए हैं। आयकर विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है। बुधवार को आयकर विभाग की टीमों ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर आदि शहरों में पिनटेल, अमरावती, एक्सेला के 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे थे।
आदित्य ठाकरे थे कंपनी में निदेशक
सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे 2014 से 2019 तक कोमो स्टाक एंड प्रॉपर्टीज कंपनी के निदेशक के पद पर थे। 28 मार्च, 2020 में नंदकिशोर इस कंपनी का निदेशक बन गया। बाद में नंदकिशोर ने 10 अन्य कंपनियां खोलीं और निदेशक बन गए।
Ayush Kr Dubey
Published on:
09 Jun 2023 11:03 pm
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