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यूपी वालों के लिए बेस्ट हैं घूमने की ये 8 झीलें, इसे कहते हैं मैग्नेटिक हिल

गुरुडोंगमार झील को हिंदुओं, सिखों और बौद्धों ने पवित्र माना है। आसपास के गांवों के लोग इसी झील से पीने का पानी लेते हैं।

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लखनऊ

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Nazia Naaz

Dec 04, 2022

" पैसा वसूल " है भारत की इन जगहों पर घूमना

जनसंख्या के मामले में दूसरे नंबर पर आने वाला देश भारत अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों का मिला-जुला रूप है। इसके अलावा भारत में कई ऐसी घूमने-फिरने की जगहें हैं, जो देश को और भी खूबसूरत बना देती है। आज हम पूरे भारत से घूमने-फिरने से जगहों की लिस्ट लेकर आए हैं , जहां पर यूपी वालों को एक बार जरूर जाना चाहिए।

मैग्नेटिक हिल

लेह-कारगिल राजमार्ग लेह शहर से 30 किमी दूर पड़ता है। इस राजमार्ग का नाम मैग्नेटिक हिल है। मैग्नेटिक हिल मिस्ट्री हिल भी कहा जाता है। मैग्नेटिक हिल भारत में पाई जाने वाली एक ऐसी जगह है जहां पर आप अपनी कार का इंजन बंद करने के बाद भी चढ़ाई पर चढ़ सकते हैं।

साइंस के मुताबिक इस पहाड़ी की चुंबकीय शक्ति गाड़ियों को ऊपर की तरफ खींचती है, लेकिन कुछ लोग इसे एक ऑप्टिकल भ्रम भी कहते हैं।

इस जगह के बारे में एक दिलचस्प फैक्ट है कि ये सड़क स्वर्ग की तरफ जाती है। इसलिए जो नेक लोग हैं उन्हें ही ये पहाड़ ऊपर की तरफ खींचता है। अब ये साइंस हो या भ्रम, एक बार यहां घूमने जरूर जाना चाहिए।

फूलों की घाटी

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी ऑर्किड, पॉपपीज़, गेंदा, डेज़ी, जैसे फूलों का घर है। 1980 में भारत सरकार ने इसे एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया।

2002 में, इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई थी। यहां पर लोग फूलों की घाटी का ट्रैक करने के लिए आते हैं।

गुरुडोंगमार झील

सिक्किम का गुरुडोंगमार झील दुनिया की सबसे ऊंचाई वाली प्राकृतिक झीलों में से एक है। यह तिब्बती और चीनी सीमा के निकट सिक्किम के मंगन जिले में समुद्र तल से 17,800 फीट की ऊंचाई पर है। इस झील को हिंदुओं, सिखों और बौद्धों ने पवित्र माना है। आसपास के गांवो के लोग इसी झील से पीने का पानी लेते हैं।

गुरुडोंगमार झील को लेकर कई अलग-अलग मिथक भी हैं। ऐसा माना जाता है कि गुरु पद्मसंभव जब तिब्बत से लौट रहे थे, तब स्थानीय लोगों ने पानी की परेशानी को लेकर गुरु पद्मसंभव से गुहार लगाई। तब गुरू ने छड़ी से सूखे झील को छूआ और वहां से पानी निकलने लगा। इसके बाद से तापमान 30 डिग्री होने पर भी झील का पानी कभी नहीं सूखता।

ला इटलम कैन्यन

मेघालय की पूर्वी इलाकों में बसे इन पहाड़ो का खूबसूरत नजारा आपको मदहोश कर देगा। लैटलम शब्द का अर्थ है "पहाड़ियों का अंत" और ये घाटियां पहाड़ियों के अंत की तरह दिखती हैं।

ला इटलम कैन्यन पर डूबते सूरज के साथ हरे-भरे पेड़-पौधे और रंग बिरंगे फूलों को एक साथ देखना काफी खूबसूरत होता है। यहां जा कर आप पहाड़ के टॉप पर ट्रैक कर सकते हैं। रा सोंग के पास के गांव में जा सकते हैं, और शानदार लैटलम नदी के ऊपर लकड़ी के पुल पर खड़े हो सकते हैं। ला इटलम कैन्यन जाने के लिए सबसे खूबसूरत महीना मई से सितंबर तक है।

होगेनक्कल

होगेनक्कल तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले और बेंगलुरु से सिर्फ पांच घंटे की ड्राइव पर मौजूद है। यहां पर प्रकृति के खूबसूरत नजारों के साथ आप ताजी पकी हुई मछलियों का स्वाद चख सकते हैं।

होगेनक्कल कावेरी नदी को कई छोटी धाराओं में बांटती है

होगेनक्कल कावेरी नदी को कई छोटी धाराओं में बांटती है। होगेनक्कल झील 15 फीट से 66 फीट की ऊंचाई से गिरती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पानी में जादुई गुण होते हैं जो न केवल आपको बीमारियों से दूर रखते हैं साथ ही आपके सारे पाप भी धो देते हैं। आप इस झील में मूंगा (टोकरी के आकार की नाव) में नाव की सवारी का आनंद ले सकते हैं।

लोनार झील

लोनार झील या लोनार क्रेटर महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में है। लोनार झील 50,000 साल पहले एक उल्कापिंड की टक्कर से बना था । इसलिए इस झील का पानी खारा है।

चित्रकोट वाटरफॉल

चित्रकोट वाटरफॉल को भारत का मिनी नियाग्रा फॉल्स भी कहा जाता है। चित्रकोट फॉल्स को देश का सबसे चौड़ा झरना माना जाता है। यह इंद्रावती नदी पर छत्तीसगढ़ में बस्तर में जगदलपुर से 38 किमी दूर मौजूद है। चित्रकोट वाटरफॉल घोड़े की नाल के आकार का है।

इस झरने को देखने का सबसे अच्छा समय बारिश के मौसम में जुलाई से अक्टूबर के बीच होता है।

सेंट मैरी द्वीप

सेंट मैरी द्वीप, जिसे 'नारियल द्वीप' के नाम से जाना जाता है। ये कर्नाटक के उडुपी में है।

सेंट मैरी द्वीप अपने सफेद रेत के समुद्र तटों और क्रिस्टल बेसाल्ट रॉक डीजाइन के लिए मशहूर है।