
लखनऊ. नेपाल की महारानी का हीरा बिकाऊ है। इस बात के झांसे में जयपुर के दो व्यवसायी आ गए। इन्हें ठगा गुजरात वालों ने। ठगी के लिए लखनऊ का जानकीपुरम इस्तेमाल किया गयाष नेपाली राजघराने के चोरी हुए हीरे को खरीदने के लालच में व्यापारियों को ठगों ने बंधक बना लिया। इस बीच इन्हें छोड़ने के लालच में 16 लाख रुपये ठग लिए गए। फरवरी में पुलिस ने इस वारदात का खुलासा किया। इस गैंग में कुल पांच लोग शामिल थे, जो देशभर के व्यापारियों को तरह-तरह के झांसे देकर ठगते थे। इस मामले में जयपुर में ठगों की गिरफ्त से दोनों व्यवसायियों को छुड़ाया गया।
एक फोन कॉल के जरिये किसी को किस हद तक ठगा जा सकता है, ये बात इससे पता लगती है कि नोपाली हीरों को करोड़ों में बेचने का लालच देकर लाखों रुपये ठगे गए हैं। बावजूद इसके और रुपयों की डिमांड की जा रही है।
चश्मा बेचने के बहाने बुलाया और बनाया बंधक
प्रापर्टी डीलर विनोद को तीन महीने पहले एक अंजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राजूभाई बताया। उसने बताया कि नेपाली राजघराने के बेश्कीमती हीरे उसके पास हैं। अगर चाहो, तो यह हीरे तुम्हें सस्ते दाम पर मिल जाएंगे। इसके साथ ही जमीन के अंदर और दीवार के आर-पार देखने वाले चश्मे के बार में भी बताया। लालच में पड़े विनोद ने दोस्त इरफान को तैयार कर लिया और 6 अप्रैल को उन्हें हनुमानमंदिर के पास मिलने के लिए बुलाया गया। यहां पर बुलाकर इरफान और विनोद को राजस्थान के नाथद्वार ले जाकर रखा गया। विनोद और इरफान से अब तक 16 लाख रुपए की वसूली की जा चुकी है। इसके बाद भी 17 अप्रैल को 10 लाख रुपये की मांग की गयी। इतने नुकसान के बाद और नुकसान होता, इसके पहले ही पुलिस ने ठगों के गिरोह को दबोच लिया।
खाते में जमा होते थे पैसे
विनोद ने बताया कि ठगी खाते में रुपये जमा करने को कहते थे। वे कैश नहीं लेते थे। खाते में रुपये आते ही ये उसे निकाल लेते थे। रकम अगर एक लाख से ज्यादा होती थी, तो बदमाश हवाला के जरिये रुपये मांगते थे।
बंधक बना कर की मारपीट
गुजरात के जूनागढ़ के रहने वाले हीरा व्यापारी सुरेश और मयंक को जयेंद्र नाम के शख्स ने जमीन के भीतर सात फीट का चश्मा दिलवाने का झांसा देकर फरवरी में लखनऊ बुलाया। दोनों व्यापारी लखनऊ पहुंचे, तो उन्हें जानकीपुरम स्थित नियाज खान के मकान में बंधक बना कर रखा गया। इसके बाद इनके व्यापारी दोस्त केतन को भी बुलाया गया। तीनों व्यापारियों को बंधक बना कर उनसे मारपीट की गयी और चार लाख रुपये वसूले गए। इनकी शिकायत सुरेश ने जानकीपुरम थाने मेंं की, जिसके बाद जयेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
रुपये न देने पर किडनी निकलवाने की कही बात
एएसपी टीजी ने बताया कि ये कुल पांच लोगों का गैंग है, जो काफी समय से व्यापारियों को बंधक बना कर वसूली कर रहे थे। अब तक करोड़ों रुपये वसूले जा चुके हैं। इतना ही नहीं बल्कि बदमाशों ने मोटर वर्कशॉप में काम करने वाले सरफराज को वर्कशॉप का मालिक समझकर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद उससे पांच लाख रुपये की मांग की पर वह नहीं दे सका। रुपये न दे पाने की स्थिति में ठगों ने जयपुर ले जाकर उसकी किडनी निकलवाकर बेचने की बात कही। तीनों व्यापारियों को जयपुर में ठगों की गिरफ्त से छुड़ाया गया है।
Published on:
18 Apr 2018 02:57 pm
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