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लखनऊ.भारतीय सेना में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर भर्ती कराने वाले तीन आरोपियों को यूपी एटीएस ने यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचाना अजय कुमार सिंह, नागेश्वर कुमार, अवध प्रकाश के रुप में हुई है। इन सभी की गिरफ्तारी वाराणसी से पूर्व में गिरफ्तार हुए दिलीप और चंद्र बहादुर से पुलिस कस्टडी रिमाण्ड के दौरान पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर की गई है।
300 रुपये में सेना भर्ती का जुगाड़
आईजी एटीएस असीम अरुण के मुताबिक नागेश्वर की वाराणसी में कचहरी पर नारायण इंटरप्राइजेज नाम से दुकान है। इसी दुकान पर नौकरी का करने वाला अवध प्रकाश उर्फ बबलू मोर्य फर्जी मार्कशीट व अन्य प्रपत्र बनाता था और उसे नागेश्वर का संरक्षण रहता था। अजय कुमार सिंह इसी दुकान से फर्जी मार्कशीटो और प्रमाण पत्रों को पैसे देकर बनवाता थाl अजय कुमार पूर्व में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए चंद्र बहादुर खत्री का प्रमुख दलाल था, जो खत्री को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का कार्य करता था। अजय एक मार्कशीट, सनद बनवाने के बदले लगभग 1500 रुपए चंद्र बहादुर खत्री से प्राप्त करता था, उसमें से अवध प्रकाश उर्फ बबलू मौर्य को भी 300 से 400 रुपये देकर मार्कशीट सनद प्राप्त करता था। चंद्र बहादुर खत्री हाई स्कूल और इंटर के प्राप्त मार्क सीटों को नेपाली युवकों को देकर उन्हें सेना में भर्ती कराने का कार्य करता था। हाईस्कूल तथा इंटर की मार्कशीट के बदले चंद्रबहादुर खत्री इसके एवज में उन लड़कों से लाखों रुपए लेता था। एटीएस आरोपियों के पास से बरामद शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को शिक्षा बोर्ड से वेरीफाई कराने की प्रक्रिया भी कर रहा है। इन्हीं लोगों ने सेना में भर्ती विष्णु लाल भट्टा राय उर्फ दिलीप को भी फर्जी प्रमाण पत्र व अन्य प्रपत्र उपलब्ध कराए थे।
एटीएस ने की बरामदगी
यूपी एटीएस ने गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, निर्मित एवं अर्धनिर्मित हाई स्कूल इंटर की मार्कशीट, प्रमाण पत्र, जिला विद्यालय निरीक्षक आजमगढ़ के नाम से बनी मुहर और इंंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के नाम की बनी मुहर व अन्य समान बरामद किया है।
Updated on:
27 Oct 2017 10:38 pm
Published on:
27 Oct 2017 10:27 pm
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