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अब मौसम के अनुरूप तैयार किए जाएंगे हेलमेट, जानिये क्या होगा खास

मौसम के हिसाब से हेलमेट तैयार किए जाएंगे। इसे धूल मिट्टी से बचाव, पसीना, सड़क दुर्घटना और दुपहिया वाहनों की रफ्तार को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा

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पहली बार मौसम के हिसाब से तैयार किए जाएंगे हेलमेट, जानिये क्या होगा खास

लखनऊ. देश में पहली बार ऐसा होगा कि मौसम के हिसाब से हेलमेट तैयार किए जाएंगे। नए डिजाइन के हेलमेट पर निर्माता कंपनियों ने सहमति दे दी है। नए सिरे से तैयार किए गए हेलमेट की खासियत होगी कि इसे मौसम के हिसाब से बनाया गया होगा। इसकी कीमत औसतन 800 रुपये होगी। इसे धूल मिट्टी से बचाव, पसीना, सड़क दुर्घटना और दुपहिया वाहनों की रफ्तार को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।

नए हेलमेट का डिजाइन भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय व भारतीय मानक ब्यूरो ने तैयार किया है। नया हेलमेट तैयाक करने के लिए कई कंपनियां रूची ले रही हैं। फिलहाल बीआईएस ने 200 से ज्यादा कंपनियों को आईएसआई मार्का हेलमेट बनाने की मंजूरी दे दी है। इस ममाले में भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हमारे देश में ज्यादातर जगहों पर हेलमेट को सुरक्षा के लिहाज से नहीं देखा जाता। मार्केट में इस वक्त जो हेलमेट बिकते हैं उन्हें पश्चिमी देशों की तर्ज पर बनाया गया है। लिहाजा इन्हें हर मौसम में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

इन बातों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया हेलमेट

मंत्रालय द्वारा की गई रिसर्च में ये बातें सामने आई हैं कि हेलमेट सुविधाजनक कम होता है। इसे पहनने पर पर्याप्त हवा का न आने के कारण घुटन का अहसास, बाल खराब होने का डर, गर्मी में पसीना ज्यादा आना, ओवर डिजाइन, अधिक वजन, पीछे से आ रहे वाहनों का हॉरन कम सुनाई देना जैसी परेशानियां होती हैं। पश्चिमी देशों में भारी बाइक जो तेज दौड़ती है, वहां इनका शौक ज्यादा देखने को मिलता है। वहां उसके अनुसार ही हेलमेट का डिजाइन तैयार किया जाता है। इसलिए नए हेलमेट को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिसमें धूल मिट्टी, पसीना, वाहनों की रफ्तार आदि बातों का विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कुछ ऐसा होगा नया हेलमेट

नए हेलमेट का डिजाइन कुछ ऐसा होगा कि ऊपर देखने के लिए 7 डिग्री और अगर नीचे की ओर देखना हो, तो 45 डिग्री का एंगल रहेगा। हेलमेट का वजन डेढ़ किलोग्राम से ज्यादा नहीं होगा। पीछे से आने वाले वाहनों का हॉरन 10 डेसीबल से ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। इसके अलावा नया हेलमेट पहनने पर हवा आसानी से अंदर बाहर जा सकेगी क्योंकि हेलमेट में सूक्ष्म छिद्र होंगे। वाइजर यानी कि हेलमेट के आगे प्लास्टिक का पारदर्शी शीशा लगा होगा।