18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमेरिका में बने डीजल लोकोमोटिव इंडियन रेलवे के बेड़े में शामिल

भारतीय रेल प्रणाली पर उच्च अश्व शक्ति वाले दो इंजनों को रेलवे के बेड़े में शामिल किया गया है।

2 min read
Google source verification
railway news

लखनऊ. भारतीय रेलवे ने पीपीपी मॉडल के अंतर्गत अपनी किस्म के पहले अत्याधुनिक इंसुलेटिड-गेट बाई-पोलर ट्रांजिस्टर तकनीक वाले इंजनों के निर्माण के लिए मेसर्स जनरल इलेक्ट्रिक कम्पनी के साथ भागीदारी की है । भारतीय रेल प्रणाली पर उच्च अश्व शक्ति वाले दो इंजनों को रेलवे के बेड़े में शामिल किया गया है। जीई कम्पनी ने ये इंजन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी को गुरुवार को उत्तर रेलवे के डीजल लोकोशैड आलमबाग लखनऊ में आयोजित एक समारोह में सौंपे ।

इस अवसर पर लोहानी ने उत्तर प्रदेश के रोज़ा में एक अनुरक्षण शैड का भी शुभारम्भ किया । इस अवसर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे, प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर उत्तर रेलवे अजीत सिंह जांघू, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मेकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रैक्शन रेलवे बोर्ड अनुपम शर्मा, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल कारखाना और जीई कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जीई कम्पनी भारतीय रेलवे को लोकोमोटिव प्रौद्योगिकी प्रदान कर रहा है और जीई व भारतीय रेलवे के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से सन 2025 तक 1,000 ईधन-कुशल विकास श्रृंखला लोकोमोटिव (100 प्रतिवर्ष) की आपूर्ति करेगा जो कि माल ढुलाई में प्रयोग किये जायेंगे । इनमें 700 लोकोमोटिव 4500 अश्व शक्ति डब्लूडीजी4जी और शेष 300 लोकोमोटिव 6000 हार्स पॉवर के होंगे। शुरूआत में 40 डीजल लोकोमोटिव को निर्माण जीई ईरी, पेन्सिलवेनिया संयुक्त राज्य अमेरिका में किया जा रहा है जबकि शेष 960 डीजल लोकोमोटिव बिहार में सारण जिले के मरहौरा में एक नये संयुक्त उद्यम के तहत निर्मित किये जायेंगे । 9.15 हेक्टेयर की भूमि में निर्मित इस संयंत्र को 2018 में शुरू कर दिया जायेगा साथ ही उत्तर प्रदेश के रोज़ा और गुजरात के गांधीधाम में इस लोको का रख-रखाव किया जायेगा ।

इस परियोजना का लक्ष्य भारतीय रेल के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकृत कर भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करना है । जीई कम्पनी द्वारा तैयार दो प्रकार के मॉडल ES44A व ES57ACI के लोकोमोटिव तैयार किये जाने है । जिसमें ES43ACmi मॉडल का लोकोमोटिव 4500 अश्वशक्ति का तथा ES57ACI मॉडल का लोकोमोटिव 6000 अश्वशक्ति का है । प्रथम लोको संख्या 49001 डब्लूडीजी4जी (मॉडल ES43A Cmi) अश्वशक्ति इंजन के साथ डूवल कैब लोकोमोटिव है जिसे अध्यक्ष रेलवे बोर्ड द्वारा हरी झण्डी दिखाकर डीजल शेड आलमबाग लखनऊ से दिनांक 22.02.2018 को राष्ट्र को समर्पित किया गया ।