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अब चप्पल पहनकर स्कूल नहीं आ सकेंगे शिक्षक, ध्यान में रखने होंगे ये पांच बिंदु

अगर कोई शिक्षक चप्पल पहन कर प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने जाता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है।

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प्राइमरी शिक्षक

लखनऊ. अगर कोई शिक्षक चप्पल पहन कर प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने जाता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। शिक्षकों अब स्मार्ट लुक में स्कूल जाना होगा और बच्चों को भी साफ-सफाई के लिए लगातार प्रेरित करना होगा। ये कहना है कृषि उत्पादन आयुक्त एवं बेसिक शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने शिक्षकों के काम के पैरामीटर तय कर दिए हैं। सभी शिक्षकों को अब 4 आई मानक पर खरा उतरना होगा। अगर वे मानक पर खरा नहीं उतरेंगे तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

स्कूलों में होंगे कॉम्पिटिशन

दरअसल डॉ. कुमार ने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने अफसरों से साफ कहा कि प्राइमरी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करनी है। तो अपने को हर स्तर पर बदलना होगा। स्कूलों का माहौल बदलना होगा तो शिक्षकों को भी हर मायने में प्राइवेट से खुद को बेहतर साबित करना होगा। उन्होंने इसके लिए 4-आई और 5 कार्यों का फॉर्मूला सुझाया।उन्होंने अफसरों को शिक्षकों की ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और शासन से स्कूल तक किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार स्वीकार न किए जाने की बात कही।

अधिकारी नहीं दे पाए ये जानकारी

डॉ. कुमार ने 50 वर्ष पार वाले कर्मियों की स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन अधिकारी नहीं दे पाए। उन्होंने मिड डे मील सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों पर अलग-अलग चर्चा करने की बात कही है।डॉ. कुमार ने कहा, विभागीय मुकदमों का स्थानीय स्तर पर परीक्षण हो और जिन मामलों में कर्मी की मांग जायज है, उस पर कोर्ट की जगह विभाग ही कार्यवाही करे। इस तरह आधे कोर्ट केस खत्म हो जाएंगे। ट्रांसफर, इंक्रीमेंट, मृतक आश्रित और पेंशन जैसे मामले विभाग स्तर पर सुलझ सकते हैं। इससे केस खत्म होगा और समय व पैसे की बचत होगी।

शिक्षकों को ध्यान में रखने होंगे ये पॉइंट्स

-क्लीनीनेस (साफ-सफाई), पोलाइटनेस (नम्र व्यवहार), आर्डरलीनेस (सुव्यवस्था), पंक्चुअलिटी (समय का पाबंदी) और ड्यूटीफुलनेस (कर्तव्यनिष्ठ)।

-शिक्षकों के लिए 4 आई मानक- इंटिग्रिटी, इंडस्ट्री, इंटेलीजेंस व इंडिविजुअलिटी।