
No primary treatment at night
लखनऊ. राजधानी स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जल्द ही ट्रामा सेंटर की शुरुआत होगी। ये लखनऊ का तीसरा ट्रामा सेंटर होगा। मिली जानकार के मुताबिक, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल और लोहिया इंस्टीट्यूट के विलय के बाद अस्पताल की इमरजेंसी में ही ट्रॉमा सर्विसेज शुरू की जाएगीं। इससे मरीजों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर नहीं ले जाना पड़ेगा। वहीं बाराबंकी, फैजाबाद से आने वाले मरीजों के लिए सुविधानजनक रहेगा। सूत्रों के मुताबिक सितंबर के अंत तक ये सुविधा शुरू हो सकती है।
लोहिया अस्पताल में ट्रामा के संदर्भ में लोहिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि अस्पताल और इंस्टीट्यूट के विलय की कार्यवाही तेजी से चल रही है। जल्द ही दोनों संस्थान एक हो जाएंगे। इसके बाद सबसे पहला लक्ष्य ट्रॉमा सर्विसेज शुरू करना है। अभी मरीजों के यहां पर आने के बाद उन्हें केजीएमय के ट्रॉमा सेंटर में रेफर करना पड़ता है. इसके लिए लोहिया इंस्टीट्यूट में पहले से ही न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी और एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं। लोहिया अस्पताल में ट्रॉमा सर्विसेज को 30 बेड के साथ शुरू किया जाएगा। अभी अस्पताल की इमरजेंसी 40 बेड की है। इसमें ट्रॉमा की सुविधाओं के लिए 30 बेड जोड़े जाएंगे।
नई इमारत का प्रस्ताव
सरकार को नई इमारत का भी प्रस्ताव भेजा गया है। लोहिया अस्पताल के पास ही प्रसार भारती और एलडीए की काफी जगह खाली पड़ी है। सरकार से अनुरोध किया गया है कि इस जमीन को ट्रॉमा सेंटर की नई इमारत बनाने के लिए दे दिया जाए. यह जमीन मिलती है तो इस पर मल्टीस्टोरी ट्रॉमा की बिल्डिंग बनाई जाएगी जिसमें हर प्रकार के ट्रॉमा के मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
बेड की संख्या
- लोहिया ट्रॉमा : 30
- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर - 410
- पीजीआई ट्रॉमा सेंटर -60
-लोहिया अस्पताल में बेड -450
- लोहिया इंस्टीट्यूट में बेड - 350
- मातृ शिशु रेफरल चिकित्सालय में बेड - 200
- विलय के पश्चात इंस्टीट्यूट में कुल बेड -1000
- केजीएमयू टॉमा में रोजाना भर्ती -150
Published on:
14 Aug 2018 12:20 pm
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