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एनएचआरसी ने जेल में बंद नाबालिग की आत्महत्या पर मांगी रिपोर्ट

एनएचआरसी ने अपने जांच विभाग को मामले में सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने और 6 सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट देने को भी कहा है।
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लखनऊ

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Pragati Tiwari

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Updated: 30 Sep 2021, 5:21 PM IST

लखनऊ. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) NHRCने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के एटा के पुलिस अधीक्षक से एक नाबालिग लड़के की आत्महत्या की रिपोर्ट मांगी, जिसे एक वयस्क के रूप में जेल भेजा गया था। एनएचआरसी ने अपने जांच विभाग को मामले में सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने और 6 सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट देने को भी कहा है।
एनएचआरसीNHRC का निर्देश उस शिकायत का संज्ञान लेने के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि नाबालिग नशीली दवाओं के कब्जे के आरोप में एक वयस्क के रूप में जेल भेजे जाने की यातना को सहन करने में असमर्थ था और एटा में तीन महीने रहने के बाद 21 सितंबर को जमानत पर रिहा होने के बाद आत्महत्या कर ली। लड़के को कथित तौर पर एटा पुलिस ने गिरफ्तार किया था और किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश करने के बजाय जिला जेल भेज दिया था। लड़के के पिता ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे को अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया था और पुलिस द्वारा पैसे निकालने के लिए प्रताडि़त किया गया था। आयोग ने एसएसपी, एटा को एक वरिष्ठ रैंक के पुलिस अधिकारी द्वारा आरोपों की जांच करने और 4 सप्ताह के भीतर आयोग को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मौके पर जांच के निर्देश
एनएचआरसी ने अपने जांच विभाग को मौके पर जांच करने, मामले का विश्लेषण करने और संस्थागत उपायों का सुझाव देने का भी निर्देश दिया है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार को सिफारिश की जा सकती है कि अभियोजन के लिए बच्चों के साथ वयस्कों के रूप में व्यवहार नहीं किया जा रहा है। जांच विभाग को इस मामले में सभी संबंधित हितधारकों द्वारा निभाई गई भूमिका को देखने के लिए भी निर्देशित किया गया है, जिसमें न्यायाधीश भी शामिल है, जिनके सामने गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर बच्चे को पेश किया गया था और डॉक्टर की भूमिका जिन्होंने बच्चे की जांच की थी।