इन्हें रिकॉर्ड का पासवर्ड भी दिया गया है, यह पासवर्ड पूरी तरह गोपनीय होगा। सिर्फ जिम्मेदार व्यक्ति के पास रहेगा। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने बताया कि बर्थ
सर्टिफिकेट को लेकर ऑनलाइन फीड किया जाने वाला रिकॉर्ड प्रदेश के किसी भी
अस्पताल में देखा जा सकेगा।