7 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्या मंत्री राजभर की ये 7 शर्तें पूरी कर पाएंगे योगी आदित्यनाथ?

लखनऊ में सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने रखीं कई मांगें
2 min read
Google source verification

लखनऊ

•

image

Hariom Dwivedi

•

Apr 12, 2018

amit shah in lucknow

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान अमित शाह ने उनकी शिकायतें सुनीं। इस दौरान पिछड़ वर्ग के आरक्षण में विभाजन के मुद्दे के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी चर्चा हुई। शाह-राजभर की मीटिंग में यह भी तय हूआ कि अब से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर 15 दिन में सहयोगी दलों से बात करेंगे। भले कहा जा रहा है कि अमित शाह से मिलकर राजभर के सारे गिले-शिकवे दूर हो गये हैं, लेकिन बाहर निकलते ही मंत्री राजभर ने कहा कि मुलाकात को तभी सार्थक माना जाएगा, जब मीटिंग के दौरान तय मुद्दों पर अमल होगा।

अमित शाह संग मीटिंग के बाद एक अखबार से बातचीत में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मैं बातचीत से संतुष्ट हुं। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने उनकी मांगें पूरी करने का भरोसा दिया है। आइये जानते हैं कि मंत्री राजभर ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने कौन सी मांगें रखी हैं? जिन पर अमित शाह सहमत हो गये हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्री राजभर की ये सभी सात शर्तें पूरी कर पायेंगे?

यह भी पढ़ें : फिर नाराज हो गये सीएम योगी के मंत्री राजभर, अपनी ही सरकार के खिलाफ दे दिया बड़ा बयान

ये हैं मंत्री राजभर की सात शर्तें
1 - लखनऊ में पार्टी कार्यालय के लिये एक बिल्डिंग
2 - पिछड़ी जातियों के 27 फीसदी आरक्षण में विभाजन या अखिलेश यादव सरकार द्वारा 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव पास करे सरकार
3 - परिषदीय स्कूलों में खाली पदों पर अध्यापकों की नियुक्ति की जाये
4- सरकारी विभागों में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांग जनों को नियमित नौकरी दी जाये
5- यूपी के हर हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 500 दिव्यांगों को मोटर ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जाये
6- पात्र लाभार्थियों को ही राशन कार्ड, आवास, शौचालय और पेंशन की सुविधा दी जाये
7 - अधिकारी विधायकों के पत्र और फोन कॉल को तवज्जो नहीं देते, यह गंभीर समस्या है

यह भी पढ़ें : बीजेपी के इस बड़े नेता ने ओमप्रकाश राजभर को बताया कैंसर, कहा- गठबंधन से पहले ओढ़ना-बिछौना तक नहीं था