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वायु प्रदूषण से खत्म होती जिंदगी, हर आठ में से एक की मौत इस एक कारण से

वायु प्रदूषण को बीमारियों को बढ़ावा देने और असमय मौतों के लिए जिम्मेदार माना गया है

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वायु प्रदूषण से खत्म होती जिंदगी, हर आठ में से एक की मौत इस एक कारण से

लखनऊ. वायु प्रदूषण घातक होता है, ये बात सभी जानते हैं। शोधकर्ताओं के एक अध्ययन के मुताबिक वायु प्रदूषण को बीमारियों को बढ़ावा देने और असमय मौतों के लिए जिम्मेदार माना गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और पब्लिक हेल्श फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से कराए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से यूपी में सर्वाधिक मौतें हो रही हैं।

बात अगर पिछले साल की करें, तो भारत में हर आठ में से एक व्यक्ति की मौत वायु प्रदूषण के कारण हुई। लैनसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में 18 फीसदी मौतें समय से पूर्व होती हैं। दूसरी तरफ भारत में यह आंकड़ा 26 फीसदी है। 2017 में लगभग 12.4 लाख मौतें इस एक कारण से हुई हैं, जिसमें से आधे लोगों की उम्र 70 से कम पाई गई थी।

सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में

वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुई। इनका आंकड़ा 2,60,028 है। इसके बाद महाराष्ट्र में 1,08,038 और बिहार में 96,967 लोग वायु प्रदूषण के कारण मारे गए। वहीं, ठोस ईधन का इस्तेमाल करने वाले घरों की संख्या भी बढ़ रही है।

वायु प्रदूषण तंबाकू से ज्यादा जानलेवा

वैश्विक लैब जर्नल लैन्सेट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण तंबाकू से भी ज्यादा जानलेवा है। इसके मुताबिक पिछले साल लोग तंबाकू के मुकाबले वायु प्रदूषण से ज्यादा बीमार हुए।

लखनऊ सातवां सबसे प्रदूषित शहर

गुरूवार को लखनऊ की एयर क्वालिटी इंडेक्स 380 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड की गई। इस लिहाज से लखनऊ देश का सातवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर कानपुर रहा। दूसरे नंबर पर गाजियाबाद व पटना और तीसरे स्थान पर मुजफ्फरपुर रहा।