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लखनऊ. ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित नए नियम के तहत अब लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है और न ही आरटीओ में जाकर अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने की जरूरत भी नहीं है। बताते चलें नए नियम के तहत अब ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल की संस्तुति पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जा सकता है। मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मान्यता प्राप्त ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल की ओर से सर्टिफिकेट दिया जाएगा और इस सर्टिफिकेट के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाएगा। आरटीओ के अधिकारियों का कहना है कि केन्द्र सरकार ऐसा नियम तैयार कर रही है जिसके तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल को अधिकार दिए जाएंगे जिसके बाद स्कूल की संस्तुति के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जा सकेगा। इस नियम के लागूं होने के बाद आवेदको को राहत मिलेगा व डीएल के लिए आरटीओं के कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। डीएल बनाने के लिए स्कूल का सर्टिफिकेट मान्य होगा।
नियमों को लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा कहा गया है कि ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के आधार पर बनाए गए ड्राइविंग लाइसेंस की मान्यता 5 वर्षों की अवधि के लिए मान्य होगी। 5 साल के बाद ड्राइविंग लाइसेंस को रिन्यू कराना होगा। नियम के तहत ड्राइविंग स्कूल कोर्स की अवधि 4 सप्ताह या 29 घंटे होगी इस दौरान आवेदक को कोर्स की थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों की जानकारी दी जाएगी। भारी वाहन के कोर्स का समय 6 सप्ताह या 38 घंटे निर्धारित किया गया है।
नए नियमों के लागू होने के बाद आम जनता को डीएल बनवाने में काफी सुविधा होगी अभी तक डीएल बनवाने के लिए आवेदक को एग्जाम देने के लिए आरटीओ ऑफिस जाना पड़ता है जहां पर लंबी लाइन होती हैं। अब जब मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग स्कूल की मदद से ड्राइविंग लाइसेंस का निर्माण होगा तो आम जनता को डीएल बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे इस नए नियम से डीएल बनाने की प्रक्रिया काफी सरल होगी।
Updated on:
22 Dec 2021 09:51 am
Published on:
21 Dec 2021 10:58 pm
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