
लखनऊ. चार महीने पहले सड़क दुर्घटना में जख्मी हुए एक 10 साल के लावारिस बच्चे को इलाज के लिए लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भर्ती कराया था। इस दौरान डॉक्टरों और स्टाफ ने न सिर्फ उसके इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाई बल्कि उसकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह की। सर्जरी कर इस बच्चे का पैर ठीक किया जा चुका है। इन चार महीनों में यह बच्चा विभाग के डॉक्टरों और स्टाफ से इतना घुल मिल गया कि वह अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं होना चाहता।
सड़क दुर्घटना में हुआ था जख्मी
लकी स्टेशन पर प्लास्टिक बीनने का काम करता था। चार महीने पहले वह स्टेशन पर एक दुर्घटना में जख्मी हो गया था जिसके बाद उसे इलाज के लिए जीआरपी ने केजीएमयू में भर्ती कराया था। यहाँ डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया और इस दौरान सभी तरह के खर्च विभाग ने ही वहन किया। पैर की निचला हिस्सा ख़राब होने के कारण उसे सर्जरी से ठीक किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अब लकी सामान्य है और घर जाने की स्थिति में है। हालाँकि उसके पास कोई सहारा नहीं होने के कारण उसे अब चाइल्डलाइन भेजा जाएगा जिससे उसके पुनर्वास की व्यवस्था हो सके।
पिता की हो चुकी है मौत
लकी के पिता की मौत कुछ वर्ष पहले हो चुकी है। उसे कुछ वर्ष पहले एक प्राथमिक विद्यालय में दाखिल कराया गया था जहाँ उसने कक्षा तीन तक की पढ़ाई भी की।इस बीच वह हादसे का शिकार हो गया। लकी के मुताबिक उसने खुद को शुरू से ही स्टेशन पर पाया है। स्टेशन पर अपने जैसे बच्चों की संगत में रहकर प्लास्टिक बीनने जैसे कामों को करता था जिससे पेट भर सके। उसके ऊपर माँ-बाप का साया बचपन से ही नहीं है।
कुछ दिनों में हो जाएगा डिस्चार्ज
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के आचार्य डॉ. बृजेश मिश्रा बताते हैं कि लकी कुछ दिनों में पहले जैसा हो जाएगा। इसके बाद उसे यहां से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। उसे चाइल्ड लाइन को सौपा जाएगा जिससे उसकी शिक्षा-दीक्षा का इंतजाम हो सके। डॉ मिश्रा बताते हैं कि लकी एक होशियार बच्चा है। यदि उसे उचित सुविधा मिले तो वह भविष्य में आगे बढ़ सकता है।
Published on:
22 Apr 2018 03:21 pm
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