लखनऊ. पर्यावरण का प्रभाव फलों और फसलों पर भी पड़ता है यह बात सच है। यही कारण है कि दूसरे राज्यों में पैदा होने वाला दशहरी आम लखनऊ की मैंगो बेल्ट की अपेक्षा बाजारों में पहले ही आ जाता है। पुश्तों के मलिहाबाद की दशहरी दूसरे राज्यों में पहले ही तैयार हो जा रही है। इन राज्यों के बागवान बेहतर उत्पादन के साथ दशहरी के पौधे बेच रहे हैं। इससे मलिहाबाद और काकोरी के बागवानों को चिंता सता रही है।
इस संबंध में पद्मश्री हाजी कलीमुल्ला खान ने बताया इसके लिए बागवान और नर्सरी संचालक जिम्मेदार हैं। मैंगो मैन ने बताया अनुकूल जलवायु होने के कारण आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र में की दशहरी अप्रैल व मई में बाजार में आ जाती है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा इन राज्यों की दशहरी अगर दशहरी बाहर नहीं जाती तो मलिहाबाद की दशहरी को बहुत अच्छी कीमत मिलती। उन्होंने कहा मलिहाबाद की दशहरी की बेची गई नर्सरी अब दूसरे राज्यों में बागों का रूप ले चुकी है। इन राज्यों के बागवान बेहतर उत्पादन के साथ अब खुद दशहरी की पौध बेच रहे हैं साथ ही यहां की दशहरी भी पहले से ही बाजार में आ जा रही है।