
पर्वतीय महापरिषद लखनऊ
लखनऊ. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गैरसैण भराडीसैंण विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण के बाद जिन योजनाओं का शिलान्यास किया उनमें पोखरी के विनायकधार में शिक्षाविद व पूर्व मंत्री स्व० नरेन्द्र सिंह भंडारी की मूर्ति स्थापना व पार्क विकास निर्माण कार्य भी शामिल हैं। लखनऊ में प्रवासी उत्तराखण्डी लोगों की शीर्ष संस्था पर्वतीय महापरिषद ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत किया व मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
स्व० नरेंद्र सिंह भंडारी का जन्म 28 दिसम्बर 1920 को गढ़वाल मण्डल के चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के जोरासी गाँव में हुआ था। वो जीवन भर उत्तराखण्ड के उत्थान व क्षेत्रीय जनसमस्याओं के निवारण में प्रयासरत रहे। स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहें। आजादी के बाद गोविन्द बल्लभ पंत से प्रभावित होकर राजनीति में भी आये व उत्तर प्रदेश की दूसरी विधानसभा में विधायक बने। अपने जीवन में शिक्षाविद, विधायक, मंत्री व समाजसेवी के रूप में इन्होंने समाज व पर्वतीय जनमानस के लिए उल्लेख योगदान दिया।
इनके पौत्र प्रशांत भंडारी, पर्वतीय महापरिषद संस्था के पदाधिकारी भी हैं। महापरिषद के अध्यक्ष भवान सिंह रावत व प्रशांत भंडारी द्वारा स्व० नरेन्द्र सिंह भंडारी की जीवनयात्रा पर चर्चा कर विस्तार से बताया गया। इस मौके पर संस्था के अन्य सदस्य मोहन सिंह मोना, जितेंद्र उपाध्याय, सुनील किमोठी, पुष्कर नयल और शंकर द्यानी उपस्थित रहे।
क्षेत्र में स्व० भंडारी जी की मूर्ति लगाने व पार्क विकास निर्माण कार्य नयी पीढ़ी के लोगों में उनके द्वारा किये गये कार्यो का स्मरण कराते हुये प्रेरणादायक सिद्ध होगा। सम्पूर्ण पर्वतीय जनमानस की तरफ से महापरिषद ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
Published on:
16 Aug 2020 10:47 pm
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