
लखनऊ. अमरीका की एक कंपनी ने इंडिया की एक कंपनी के होश उड़ा दिए हैं। भारतीय कंपनी के जन्मदाता यूपी के अलीगढ़ के हैं लिहाजा, अलीगढ़ से लेकर लखनऊ, दिल्ली और देश की आर्थिक राजधानी मुबंई तक हडक़ंप मच गया है। कंपनी के दफ्तरों में हलचल बढ़ गयी है। भारतीय कंपनी का नाम है पेटीएम और इस कंपनी की नींद की है अमरीकी कंपनी वॉट्सऐप ने। लखनऊ स्थित पेटीएम के कार्यालय में गुरुवार को एक ही बात की चर्चा थी। आखिर अब कंपनी का बिजनेस मॉडल कैसा होगा। दरअसल, पेटीएम के लखनऊ समेत अन्य अन्य कार्यालयों में इन दिनों केवाईसी के लिंक का काम जोरों से चल रहा है। 28 फरवरी के बाद ऐसे पेटीएम वॉलेट काम करना बंद कर देंगे जिनका केवाईसी नहीं हुआ होगा। इसीलिए ग्राहक कंपनी के कार्यालय भी पहुंच रहे हैं। हालांकि कंपनी के प्रतिनिधि ग्राहकों से खुद संपर्क कर रहे हैं।
बदल जाएगी पूरी तस्वीर
इस बीच कार्यालय में इस बात की चर्चा थी कि पेटीएम को टक्कर देने के लिए फेसबुक भी आने वाली है। अभी तक सामान खऱीदने पर जेब से पैसे निकालकर देने के बजाय लोग पेटीएम कर रहे थे। नोटबंदी के दौरान पेटीएम हर गांव-शहर में मोबाइल वॉलेट का पर्याय बन गया था। छोटे बड़े सभी दुकानदार पेटीएम मशीन रख लिये थे। लेकिन अब वॉटसऐप भी इस बिजनेस में उतरने जा रहा है। इससे पूरी तस्वीर ही बदल जाएगी।
क्यों बढ़ी पेटीएम की चिंता
नोटबंदी के दौर में पूरे देश में सबसे ज्यादा ग्राहक जोडऩे वाली पेटीएम को वॉट्सऐप ने चुनौती देने की ढान ली है। अब इस कंपनी ने भी डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में उतरने की घोषणा है। जाहिर भी भारत में पेटीएम के वर्चस्व को तगड़ा नुकसान हो सकता है।
30 करोड़ बनाम 23 करोड़
आज पेटीएम के पास 30 करोड़ रजिस्टर्ड यूजऱ हैं। जबकि फ़ेसबुक की कंपनी वॉट्सऐप के पास 23 करोड़ यूजऱ हैं। यदि वॉट्सऐप मनी वॉलेट का आसान ज़रिया देगा तो तस्वीर बदल जाएगी। क्योंकि पेटीएम की तुलना में वॉट्सऐप के ग्राहक ज़्यादा सक्रिय हैं।
अलीगढ़ से है शेखर का नाता
गौरतलब पेटीएम के मालिक और फाउंडर विजय शेखर शर्मा अलीगढ़ के रहने वाले हैं। बहुत कम समय में ही शेखर शर्मा ने कैशलेस मनी ट्रांसफर की दुनिया में नाम कमाया है।
क्यों घबराया है पेटीएम
हालांकि पेटीएम कंपनी का कहना है कि वॉटसऐप का यूनिफ़ाइड पेमेंट इंटरफ़ेस के लिए ख़तरनाक है। क्योंकि यह बैंकों के बीच कैश ट्रांसफऱ का ज़रिया देता है। लेकिन पेटीएम की घबराहट की वजह यह है कि वॉट्सऐप की पेमेंट सर्विस काफ़ी सरल और साधारण बताई जा रही है। वॉट्सऐप का एक यूजऱ उसी प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद दूसरे यूजऱ को आसानी से पैसा भेज सकता है। वो वर्चुअल पेमेंट ऐड्रेस के रूप में फ़ोन नंबर का इस्तेमाल कर रहा है। यही नहीं वॉट्सऐप यूजऱ को ओला या उबर यूजऱ की तरह लेन-देन करते वक्त अलग से लॉगइन की ज़रूरत नहीं होगी। इसके अलावा वॉट्सऐप पेमेंट इस्तेमाल करने के लिए पास भारत के कंट्री कोड वाला फ़ोन नंबर होना चाहिए और यूपीआई को सपोर्ट करने वाला बैंक में खाता। ये नंबर वही होना चाहिए, जो आपने बैंक अकाउंट से लिंक कराया है।
ग्राहक दिखा रहे दिलचस्पी
बहरहाल, अभी पेटीएम और वॉटसऐप के बीच अभी व्यावसायिक लड़ाई दूर है। लेकिन इससे कंपनी के छोटे-छोटे कार्यालय में भी इस आने वाली तकनीक की चर्चा शुरू हो गयी है। ग्राहक भी इसमें खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
Updated on:
22 Feb 2018 06:26 pm
Published on:
22 Feb 2018 06:10 pm
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