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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार अगले एक साल में निजी क्षेत्र में एक लाख ग्यारह हजार छह सौ बहत्तर (111,672) नौकरियां देने जा रही है। यह नौकरियां देश की नामी-गिरामी कंपनियों में मिलेगी। इनमें इन्फोसिस, पेटीएम, जियो, बिड़ला ग्रुप जैसे कंपनियां शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजधानी लखनऊ में ८१ परियोजनाअों का शिलान्यास किया था। इनमें ६० हजार करोड़ का निवेश होगा। सबसे अधिक नौकरियां इलेक्ट्रॉनिक अौर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मिलेगी। करीब ८६ हजार बेरोजगारों को आम चुनाव से पहले नियुक्ति पत्र देने का सरकार ने लक्ष्य रखा है। इसके बाद ६४, 300 नौकरि यांरिलायंस जियो, इन्फोसिस अौर पेटीएम जैसे कंपनियों में मिलेंगी। रियल स्टेट भले ही आज की तारीख में मंदी के दौर में गुजर रहा हो, लेकिन इस क्षेत्र में भी करीब १५ हजार नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। औद्योगिक विकास आयुक्त ने परियोजनाअों को धरातल पर लाने के लिए १५ अगस्त २०१८ की समय सीमा तय की है। सभी कंपनियों को १५ अगस्त तक अपनी प्रोजेक्ट को पेश करने के लिए कहा गया है । औद्योगिक निवेश के दूसरे चरण में करीब ५०, हजार करोड़ की वह परियोजनाएं जो अभी पाइप लाइन में है शुरू कराया जाएगा।
राज्य सरकार ने लखनऊ से गाजीपुर के बीच पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे अौर अागरा से चित्रकूट के बीच बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे शुरू करने की घोषणा की है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में तो काम भी शुरू हो गया है। इस तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलने वाले है। कनोडिया ग्रुप, साची एजेंसी, इलाहाबाद अौर रायबरेली में सीमेंट, एसीसी धामपुर बिजनौर में सीमेंट कंपनी लगाने वाली है। इसके अलावा शाहजहांपुर , संडील, मेरठ, शामली जैसे जिलों में पेपर इंडस्ट्री में बड़ी मात्रा में निवेश की योजना है। फूड अौर एग्रो प्रॉसेसिंग के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निवेश के लिए एमअोयू पर हस्ताक्षर हुए है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश अब दुनिया में नं. दो पर पहुंच गया है। देश में ५० से अधिक मोबाइल कंपनियां काम कर रही है।
Updated on:
30 Jul 2018 04:53 pm
Published on:
30 Jul 2018 04:41 pm
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