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विश्व शान्ति का एकमात्र विकल्प अहिंसा है-डा0 अभय जैन

वीर शासन जयन्ती पर ‘तीर्थंकर महावीर और उनकी देशना’ विषय पर वेबिनार का आयोजन

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jul 09, 2020

विश्व शान्ति का एकमात्र विकल्प अहिंसा है-डा0 अभय जैन

विश्व शान्ति का एकमात्र विकल्प अहिंसा है-डा0 अभय जैन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ, संस्कृति विभाग के तत्वाधान में वीर शासन जयन्ती के उपलक्ष्य में ‘तीर्थंकर महावीर और उनकी देशना’ विषय पर वेबिनार का आयोजन गोमतीनगर स्थित संस्थान के मुख्य कक्ष से वक्ताओं एवं श्रोताओं को ऑनलाइन जोड़कर सम्पन्न हुआ।

विषय प्रवर्तन करते हुये संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार जैन ने कहा कि केवल ज्ञान प्राप्ति के 66 दिन उपरान्त तीर्थंकर महावीर की प्रथम दिव्य देशना श्रावण कृष्ण प्रतिपदा को विपुलाचल पर्वत ,राजगृही (बिहार) से हुई। इस शुभ दिन को वीर शासन दिवस कहते हैं। महावीर का कोई राजसत्ता या सिंहासन नहीं था। वास्तव में महावीर के द्वारा प्रतिपादित अहिंसा, सत्य, अचैर्य, अपरिग्रह,ब्रह्मचर्य स्याद्वाद और अनेकान्त की शासन सत्ता आज भी है।डॉ. अभय कुमार जैन ने कहा कि आज विश्व के तनावपूर्ण वातावरण में महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता और अधिक है। उन्होंने कहा कि विश्व शान्ति का एकमात्र विकल्प अहिंसा है।

मंगलायतन,अलीगढ़ से पवनजी ने आशीष वचन में कहा कि आगम शास्त्रों में संकलित महावीर के उपदेशों को जन जन तक पहुचाना होगा। तभी हम अपनी संस्कृति की सुरक्षा कर पायेंगे। महेन्द्र मुकुर जैन मुम्बई ने बताया कि सृष्टि करता कौन है यह जानना आवश्यक नहीं है पर सृष्टि के समस्त प्राणी सुखी रहे ये उपदेश महावीर ने उपदेश दिये।