
महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोदी-योगी सरकार कई योजनाएं चला रही है। ग्रामीण इलाकों में होने वाली जल की परेशानी सबसे मुख्य परेशानियों में से एक है। इसको दूर करने के लिए व जल की प्रमुख्ता बनाए रखने के लिए हर घर जल योजना की शुरुआत की गई। मोदी सरकार ने खासकर ग्रामीण महिलाओं को पानी को लेकर होने वाली समस्या से निजात दिलाने के लिए बड़ी पहल करते हुए हर घर नल योजना शुरू की। वहीं योगी ने इस योजना को रफ्तार देते हुए अधिकारियों को रोजाना प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश दिया है और वह खुद इसकी मॉनिटरिंग अपने स्तर से कर रहे हैं।
योजना से हर घर की महिलाओं को मिल रहा रोजगार
जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार हर घर नल योजना के तहत ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को बड़ी तादाद में रोजगार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में करीब डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। चार अगस्त तक प्रदेश की 1 लाख 85 हजार से अधिक महिलाओं ने पानी की जांच का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। वहीं प्रशिक्षित महिलाओं ने पानी के 10 लाख से अधिक सैंपल की जांच पूरी कर ली है।
करीब 4 लाख 57 हजार महिलाओं को पानी के सैंपल की जांच का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके साथ ही योजना से प्रदेश में प्रत्यक्ष रूप से 7,56,522 रोजगार सृजित किया जा रहा है, इसके तहत प्लंबर, फिटर, ऑपरेटर, केयरटेक, सिक्योरिटी गार्ड संविदा के आधार पर रखे जाएंगे। इससे पहले सभी को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्या है हर घर जल योजना
हर घर जल योजना भारत सरकार द्वारा 2019 में हर ग्रामीण घर में 2024 तक नल का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई एक योजना है। हर घर जल योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024 तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
Updated on:
10 Aug 2022 11:58 pm
Published on:
10 Aug 2022 11:03 pm
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