
PM Narendra Modi Dialogue Program Pariksha pe Charcha
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली अप्रैल 2022 को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के पांचवें संस्करण के दौरान दुनियाभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करेंगे। लगभग 15.7 लाख प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण कराया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अनूठे संवाद कार्यक्रम - परीक्षा पे चर्चा - की संकल्पना की जिसमें देश के साथ - साथ विदेशों से भी छात्र, अभिभावक, शिक्षक परीक्षा की वजह से होने वाले तनाव को दूर करने और जीवन को उत्सव की तरह जीने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए उनके साथ बातचीत करते हैं।
यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) के पहले तीन संस्करण नई दिल्ली में टाउन-हॉल इंटरैक्टिव फॉर्मेट में आयोजित किए गए थे। इसका चौथा संस्करण 7 अप्रैल 2021 को ऑनलाइन आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने उन लाखों लोगों के उत्साह की सराहना की है, जिन्होंने इस वर्ष के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के प्रति अपनी मूल्य वान विचार साझा किये हैं। उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ में योगदान देने वाले छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को भी धन्यवाद दिया।प्रधानमंत्री ने कहा;"इस साल के परीक्षा पे चर्चा के प्रति उत्साह अभूतपूर्व रहा है। लाखों लोगों ने अपने मूल्यवान विचार और अनुभव साझा किए हैं। मैं उन सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने योगदान दिया है।1 अप्रैल के कार्यक्रम की प्रतीक्षा है।"
इस संदर्भ में पत्र सूचना कार्यालय और क्षेत्रीय लोकसंपर्क ब्यूरो उतर प्रदेश द्वारा एक प्रेस कांफ्रेस का आयोजन किया गया ,जिसमें पत्रकार,विद्यार्थियों और अभिभावकों सहित कई अध्यापकों ने हिस्सा लिया. पीआईबी के एडीजी आर.पी.सरोज ने केंद्रीय भवन लखनऊ में पत्रकारों,विद्यार्थियों और अभिभावकों से बातचीत के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला कि परीक्षा पे चर्चा युवाओं के लिए तनाव मुक्त माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़े आंदोलन - 'एग्जाम वॉरियर्स' का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा आंदोलन है जो छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को एक साथ लाने के लिए प्रधानमंत्री की कोशिशों से प्रेरित है। इसका उद्देश्य एक ऐसे वातावरण को बढ़ावा देना है जहां प्रत्येक बच्चे के अद्वितीय व्यक्तित्व को पूरी तरह फलने-फूलने का मौका मिले।
Updated on:
01 Apr 2022 10:51 am
Published on:
01 Apr 2022 10:51 am
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