
पीएम मोदी के भाषण से देश को ना तो नई ऊर्जा मिला और ना ही कोई उम्मीद - मायावती
लखनऊ. पीएम मोदी असली मसलों से इतर ही अपना भाषण देते रहे। पीएम देश की आम जनता को उसके जान-माल व मजहब की सुरक्षा की अति महत्वपूर्ण संवैधानिक गारंटी का आश्वासन देना भी भूल गए, जब कि यह आज हमारे देश की आवश्यकता नंबर वन बन गई है। यह बात बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का भाषण पूरी तरह से चुनावी भाषण था, इस भाषण से सवा सौ करोड़ आबादी वाले इस देश को ना तो नई ऊर्जा मिली और ना ही कोई नई उम्मीद।
मायावती ने कहा कि गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी आदि की भयंकर समस्या के साथ ही वर्तमान की असली चिंता और समस्या इस समय विश्व की तेजी से बदलती हुई राजनीतिक परिस्थिति व व्यापार के जारी संकट के हालात हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल के दामों पर तो असर पड़ ही रहा है वहीं भारतीय मुद्रा व विदेशों में बसे भारतीय बहुत ही अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, लेकिन पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण के दौरान इस पर एक शब्द भी नहीं बोला, जब की विश्व में इसका शोर है। उन्होंने कहा कि यूरोप के संपन्न देशों सहित विश्व का लगभग हर स्वाभिमानी देश इसको लेकर परेशान है। इन मुद्दों पर पीएम मोदी देश को विश्वास में लेना भूल गए।
बीएसपी सुप्रीमो ने जारी एक बयान में कहा कि पीएम मोदी को ऐसा राजनीतिक भाषण संसद में देना चाहिए था ताकि वहां सरकार की जवाब देही तय हो सके और उनकी सरकार के अनेकों प्रकार के दावों की सत्यता की कसौटी पर जांचा जा सके। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भाषण देश को नई उम्मीद जगाने और नया विश्वास दिलाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस भाषण को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा अपनी संकीर्ण व विद्वेष की राजनीति से ऊपर उठकर काम करने वाली नहीं है।
Published on:
15 Aug 2018 05:29 pm
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