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डाक विभाग ने  जारी किया विशेष आवरण व विशेष विरूपण

समाज के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं एवं संघर्ष करने में पीछे नहीं हट रही हैं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 09, 2021

पराक्रम और साहस की कोई सीमा नहीं है।

पराक्रम और साहस की कोई सीमा नहीं है।

लखनऊ ,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विशेष आवरण व विरूपण जारी किया गया। विशेष आवरण में दर्शाया गया है कि किस प्रकार महिलाओं ने अपने कठिन परिश्रम से स्वयं को सशक्त करते हुए समाज में व्याप्त Gender differencesभेद की सभी दृश्य व अदृश्य वर्जनाओं को खण्डित किया है।

आवरण में यह भी दर्शाया गया है कि कोविड-19 के कठिन समय में महिलाओं ने अपने अभूतपूर्व कार्यों से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। सभी सीमाओं को तोडते हुए, महिलाओं ने बतौर पुलिस अधिकारी, डाकिया, चिकित्सक, नर्स, सफाई कर्मचारी, व्यापारी और यहां तक वैज्ञानिकों के तौर पर भी पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि उनके पराक्रम और साहस की कोई सीमा नहीं है।

इस विशेष आवरण व विरूपण का विमोचन उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा अतंरराष्ट्रीय पैरा-बैडमिंटन खिलाडी पलक कोहली के मुख्य आतिथ्य में किया गया। उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस अवसर पर कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 के दौर में भी नारी शक्ति नें अपने प्रयासों, पराक्रम और समर्पण के साथ समाज में निःस्वार्थ भाव से अपना सहयोग किया है वह निः संदेह सम्मानीय है। डाक विभाग नारी शक्ति के सम्मान में विशेष आवरण व विरूपण जारी कर गर्व की अनुभूति कर रहा है।

इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल विवेक कुमार दक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विशेष आवरण व विरूपण जारी होने से नारी शक्ति को अविस्मरणीय उपहार और सम्मान मिला है। लोग इसे स्मृतियों में संजोकर रख सकते हैं। उन्होंने विशेष आवरण डिजाइन के लिए तैजसी मिश्रा जिन्होंने बीएएफए, गोल्डस्मिथ कालेज, लंदन विश्वविद्यालय एवं परास्नातक-समकालीन कला, सदबई इन्सटीट्यूट आफ आर्ट, लंदन से पूर्ण किया है, को भी धन्यवाद ज्ञापित किया। वह स्वयं भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहीं।

अंतरराष्ट्रीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी पलक कोहली ने इस अवसर पर कहा कि महिलाएँ अब किसी भी क्षेत्र में शीर्ष पर कायम होने एवं श्रेष्ठ से श्रेष्टतम करने का सामर्थ्य रखती हैं। उन्होंने आगे बताया कि महिलायें कठिन परिस्थितियों में भी सभी बाधाओं को पार कर सफलता के झण्डे फहरा रही हैं। इस अवसर पर गौरव खन्ना, द्रोणाचार्य अवार्डी एवं भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच ने कहा कि महिलायें अब अति-उत्साह के साथ समाज के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं एवं संघर्ष करने में पीछे नहीं हट रही हैं।