22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गमलों में महिलाएं जैविक शाकभाजी का करें उत्पादन: आनंदीबेन पटेल

शाकभाजी एवं मशरूम उगाकर अपने भोजन की थाली को पोषक तत्वों से संतुलित तथा भरपूर कर सकती हैं तथा पूरे परिवार को लाभान्वित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं द्वारा उत्पादित हरी ताजी सब्जियां तथा मशरूम अपने परिवार के सभी सदस्यों को पौष्टिक आहार के रूप में उपलब्ध कराना है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jan 06, 2022

गमलों में महिलाएं जैविक शाकभाजी का करें उत्पादन: आनंदीबेन पटेल

गमलों में महिलाएं जैविक शाकभाजी का करें उत्पादन: आनंदीबेन पटेल

लखनऊःउत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से राजभवन उद्यान की गृह वाटिका में राजभवन में कार्यरत एवं आवासित परिवार की महिलाओं के लिए शाकभाजी एवं मशरूम उत्पादन विषयक दो दिवसीय कार्यक्रम “आओ करके सीखें“ का आयोजन 5 एवं 6 जनवरी, 2022 को किया गया। जिसके अंतर्गत “गमले में शाकभाजी उत्पादन“ तथा “मशरूम उत्पादन“ का क्रियात्मक प्रशिक्षण महिलाओं को दिया गया।

राजभवन में महिलाओं को शाकभाजी एवं मशरूम का क्रियात्मक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर राज्यपाल ने महिलाओं को बताया कि सब्जियां विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों, खनिजों तथा विटामिन की समृद्ध स्रोत हैं। मशरूम में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। महिलाएं शाकभाजी तथा मशरूम उत्पादन की क्रियात्मक गतिविधियों को सीखकर अपने घरेलू कार्यों के उपरान्त बचे अतिरिक्त समय का सदुपयोग कर उपलब्ध सीमित संसाधनो से ही कम से कम जगह में छत पर या घर में रिक्त अन्य स्थान पर वर्ष भर जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के शाकभाजी एवं मशरूम उगाकर अपने भोजन की थाली को पोषक तत्वों से संतुलित तथा भरपूर कर सकती हैं तथा पूरे परिवार को लाभान्वित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं द्वारा उत्पादित हरी ताजी सब्जियां तथा मशरूम अपने परिवार के सभी सदस्यों को पौष्टिक आहार के रूप में उपलब्ध कराना है।

सब्जियां विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों, खनिजो तथा विटामिन की समृद्ध स्रोत

व्यवहारिक प्रशिक्षण राजभवन उद्यान इकाई के माध्यम से ‘यू रेनबो स्टार एग्रो मशरूम’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतराम बघेल एवं निदेशक ईशा द्वारा दिया गया। व्यवहारिक प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उत्पादन, गमले की भराई, गमले में सब्जी उत्पादन के संबंध में विस्तृत क्रियात्मक जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि मशरूम की सबसे प्रचलित किस्म ढिंडरी है । उसके उत्पादन एवं रखरखाव की जानकारी महिला प्रतिभागियों को दी गयी तथा प्रतिभागी महिलाओं को शाकभाजी उत्पादन एवं मशरुम उत्पादन के किट भी प्रदान किये गये।