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रेप का आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर अभी भी माननीय, प्रेस कांफ्रेंस में जी-जी करते रहे प्रमुख सचिव और डीजीपी

यूपी सरकार के बड़े अफसर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सम्मान देने में जरा भी संकोच नहीं कर रहे हैं...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Apr 12, 2018

Pramukh Sachiv and DGP press conference on BJP MLA Kuldeep Singh Sengar

रेप का आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर अभी भी माननीय, प्रेस कांफ्रेंस में जी-जी करते रहे प्रमुख सचिव और डीजीपी

लखनऊ. उन्नाव गैंगरेप का मामला उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के लिए गले की हड्डी बन गया है। इस मामले में उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के फंसने से चारों तरफ बीजेपी सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। लेकिन फिर भी यूपी सरकार के बड़े अफसर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सम्मान देने में जरा भी संकोच नहीं कर रहे हैं। इसका नजारा आज प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार सिंह और डीजीपी ओपी सिंह की साझा प्रेस कांफ्रेंस में देखने को मिला। ये दोनों ही अफसर विधायक को माननीय और विधायक जी कहकर संबोधित करते रहे।

प्रमुख सचिव और डीजीपी ने की प्रेस कांफ्रेंस

उन्नाव गैंगरेप और बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार सिंह और डीजीपी ओपी सिंह ने साझा प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीबीआई को दी गई है। जब तक एस केस को सीबीआई को ट्रांस्फर करने की प्रक्रिया चलेगी तब तक इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी और सभी साक्ष्यों को इकट्ठा करेगी। एसआईटी ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान लिए हैं। अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि लड़की के पहले बयान में कुलदीप सिंह का नाम नहीं है। पीड़िता के पिता के मौत के सवाल पर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में डॉक्टरों द्वारा लापरवाह की बात सामने आई है और इसके लिए सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई है।

रेप का आरोपी माननीय कैसे?

वहीं उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि अब इस मामले की जांच CBI करेगी। इसलिए अब वही फैसला करेगी कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी होनी है या नहीं। विधायक की गिरफ्तारी को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। डीजीपी ओपी सिंह ने इस प्रेस कांफ्रेंस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को माननीय कहा। जब उनसे इसको लेकर ओपी सिंह से सवाल किया गया तो
उन्होंने कहा कि मैं किसी का बचाव नहीं कर रहा हूं। कानून की नजर में विधायक सिर्फ आरोपी हैं। मामले में अगर उनके खिलाफ उचित सबूत मिलेंगे तो उन पर कार्रवाई होगी।

पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को उन्नाव में बीजेपी के विधायक पर लगे रेप और पीड़िता के पिता की हत्या के मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। सरकार के निर्देश के बाद बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया गया है। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थकों पर भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। यूपी सरकार ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा सरकार ने इस पूरे कांड में लापरवाही बरतने के लिए उन्नाव के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके द्विवेदी और कैजुअलटी मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत उपाध्याय समेत सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह को भी निलंबित किया। सरकार की इस पूरी कार्रवाई की जानकारी यूपी के प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने दी। प्रमुख सचिव ने बताया कि ये कार्रवाई एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण के नेतृत्व में गठित एसआईटी, उन्नाव के डीएम एनजी रवि कुमार और जेल के डीआईजी लव कुमार से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई।

सीबीआई जांच का स्वागत

वहीं इसस पहले आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बुधवार रात करीब 11 बजे लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार के आवास पहुंचे। कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं कि मुझे रेप का आरोपी न बुलाया जाए और मैं कोई भगोड़ा नहीं हूं। कुलदीप सिंह सेंगर ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि मेरे सहारे बीजेपी सरकार को बदनाम करने की एक साजिश चल रही है। सेंगर ने कहा कि वह इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश का पूरा सम्मान करते हैं और जल्द ही सब दूध का दूूध और पानी का पानी हो जाएगा।