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गर्मियों में प्रेग्नेंट महिलाएं कैसे बच्चे और अपना ध्यांन,विशेषज्ञों की राय

  (Pregnancy Tips) अप्रैल ,मई ,जून की गर्मी से बचा कर रखे अपने आपको खास उपायों के साथ,कैसे रखे ख्याल    

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 12, 2022

गर्मियों में प्रेग्नेंट महिलाएं कैसे  बच्चे और अपना ध्यांन,विशेषज्ञों की राय

गर्मियों में प्रेग्नेंट महिलाएं कैसे बच्चे और अपना ध्यांन,विशेषज्ञों की राय

(Pregnancy Tips) गर्मी के मौसम में प्रेगनेंट महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और अपने बच्चे का खास ध्यान रखना चाहिए। क्योकि इस बार की गर्मी दिन पर दिन बढ़ती जाएंगी। ऐसे में एक महिला को अपने अंदर पल रहे अंश का ध्यान बहुत ही सावधानी पूर्वक रखना चाहिए (Pregnancy Tips) आज हम कुछ छोटी - छोटी टिप्स दे रहे हैं इससे आप को गर्मी के मौसम में बहुत सी होने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी। साथ ही विशेषज्ञों की राय भी हैं जो आप को आगे सहायता करेगी कि कैसे खाल रख सकती हैं एक गर्भवती माँ।

(Pregnancy Tips) गर्भवती महिलाओं के लिए विशेषज्ञों के खास 'टिप्स'


1. डिहाइड्रेशन से बचें।
2. ठन्डे पानी से स्नान।
3. पौष्टिक आहार।
4. हल्के कपड़े पहने।
5. त्वचा का का रखें ध्यान।
6. प्राणायाम।
7. आराम करें।
8. खुद के लिए समय निकाले।
9. मालिश।
10. बालों का रखें ध्यान।
11. घर को ठंडा रखें।
12. मच्छरों से बचें।
13. तरल पदार्थ।
14. सही दिनचर्या अपनाएं।
15. सही जूते पहने।16. भीड़ से दूर रहें।
17. पैरों की सूजन।
18 ज्यादा नमक ना खाएं।
19. अधिक से अधिक पानी पिएं


(Pregnancy Tips) क्या कहते हैं विशेषज्ञ

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजरी टंडन का कहना है कि जच्चा-बच्चा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनायें चल रहीं हैं । इनका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें । आशा कार्यकर्ता इसमें अहम् भूमिका निभा रहीं हैं । उनका कहना है कि मां-बच्चे को सुरक्षित करने का पहला कदम यही होना चाहिए कि गर्भावस्था के तीसरे-चौथे महीने में प्रशिक्षित चिकित्सक से जांच अवश्य करानी चाहिए ताकि किसी भी जटिलता का पता चलते ही उसके समाधान का प्रयास किया जा सके ।

इसके साथ ही गर्भवती खानपान का खास ख्याल रखे और खाने में हरी साग-सब्जी, फल आदि का ज्यादा इस्तेमाल करे, आयरन और कैल्शियम की गोलियों का सेवन चिकित्सक के बताये अनुसार करे । प्रसव का समय नजदीक आने पर सुरक्षित प्रसव के लिए पहले से ही निकटतम अस्पताल का चयन कर लेना चाहिए और मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड, जरूरी कपड़े और एम्बुलेंस का नम्बर याद रखना चाहिए । समय का प्रबन्धन भी अहम् होता है क्योंकि एम्बुलेंस को सूचित करने में विलम्ब करने और अस्पताल पहुँचने में देरी से खतरा बढ़ सकता है ।