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फिर चर्चा में आये डासना देवी मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद, जानिये क्या है वजह…

गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में मुस्लिम लड़के की पिटाई के बाद अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए यति नरसिंहानंद सरस्वती (Narasimhanand Sarswati) एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल यति नरसिंहानंद अब महामंडलेश्वर (Mahamandaleshwar) बन गये हैं। उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी दी है पंच दशनाम जूना अखाड़े (Juna Akhada) ने।

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53 वर्षीय यति नरसिंहानंद सरस्वती एक बार फिर चर्चा में आ गये हैं। मगर इस बार वो अपने बयानों से चर्चा में नहीं बल्कि उसकी दूसरी वजह है। दरअसल गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद अब वो महामंडलेश्वर बन गये हैं। पंच दशनाम जूना अखाड़े ने उन्हें ये पदवी दी है। कभी समाजवादी पार्टी के नेता रह चुके यति नरसिंहानंद पर आधा दर्जन से भी अधिक केस दर्ज हैं। अब तीन दिन पहले ही हरिद्वार में गंगा के तट पर पट्टाभिषेक के बाद उन्हें जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर बना दिया गया है। ऐसे में यति नरसिंहानंद को महामंडलेश्वर बनाए जाने का फैसला लोगों के लिए चौंकाने वाला है। कहा जा रहा है कि यति जूना अखाड़े के महंत नारायण गिरि के संपर्क में रहे हैं।

जूना अखाड़े का कहना है कि चूंकि नरसिंहानंद कट्टरपंथी समुदाय के निशाने पर रहे हैं, ऐसे में उनको संरक्षण प्रदान करने के लिए यह जिम्मेदारी दी गई है। दरअसल, महामंडलेश्वर की पदवी बांटने को लेकर पंच दशनाम जूना अखाड़ा इसके पहले भी कई बार विवादों में रहा है। संन्यासी परंपरा के सात अखाड़ों में जूना अखाड़ा सबसे बड़ा और ताकतवर माना जाता रहा है।

जल्द ही ली थी संन्यास की दीक्षा

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि ने उन्हें हाल में ही संन्यास की दीक्षा दी थी। संन्यास दीक्षा के बाद वह नरसिंहानंद गिरि हो गए और हरिद्वार में ही उनका पट्टाभिषेक कर दिया गया।

कई विवादित लोगों को महामंडलेश्वर की पदवी दे चुका है जूना अखाड़ा
शराब माफिया सचिन दत्ता से लेकर राधे मां तक को महामंडलेश्वर बनाने के लिए जूना अखाड़ा पहले से ही विवादों में रहा है। ऐसे विवादित व्यक्तियों को पहले महामंडलेश्वर बनाना और फिर आचोलना से घिरने के बाद फैसले पलटने का भी काम इस अखाड़े में होता रहा है। वर्ष 2019 में कन्हैया प्रभुनंद समेत कई दलितों को भी महामंडलेश्वर बनाकर जूना अखाड़ा बहस के केंद्र में रहा है।