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यूपी में अब प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल खोलना हुआ आसान, सरकार ने बदले मान्यता लेने के नियम

- उत्तर प्रदेश में अब आसान हुआ Primary School और Junior High School की मान्यता लेना- Basic Shiksha Vibhag ने जारी की गाइडलाइन

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Jul 01, 2020

यूपी में अब प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के बदल गये हैं नियम, सरकार

अब यूपी में लीज की भूमि और भवन होने पर भी निजी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल की मान्यता

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में गैर सरकारी प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल की मान्यता लेने के नियम और सरल कर दिये गये हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adtyanath) सरकार ने मान्यता के लिए अब खुद की भूमि और निजी बिल्डिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इसके अलावा मान्यता शुल्क (Affiliation Charge) और सिक्योरिटी मनी (Security Money) भी काफी कम कर दी गई है। सरकार के इस फैसले (Affiliation Rules) से उन सोसाइटी चलाने वाले उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो अपना विद्यालय खोलना चाहते थे, लेकिन कड़ी शर्तें आड़े आ रही थीं।

बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Shiksha Vibhag) की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक अब 25 वर्ष की लीज पर ली गई भूमि या भवन होने पर भी निजी प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल को मान्यता मिल सकेगी। बशर्ते स्कूल के लिए लीज पर ली गई जमीन विवाद रहित होनी चाहिए। लीज पर लिया गया भवन जर्जर और असुरक्षित नहीं होना चाहिए। भू-भाग विद्यालय के नाम पर अंकित होना चाहिए। इसके अलावा किराये के भवन में पहले से संचालित स्कूल चलते रहेंगे, बशर्ते कि उन्होंने भवन स्वामी के साथ किरायेदारी का एग्रीमेंट हस्ताक्षरित कर लिया हो, जिसमें सभी शर्तें स्पष्ट हों।

आवेदन शुल्क काफी कम
प्राथमिक स्तर की मान्यता के लिए आवेदन शुल्क घटाकर पांच हजार रुपये और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 10 हजार रुपये कर दिये हैं। पहले प्राथमिक स्तर के लिए आवेदन शुल्क 10 हजार रुपए और जूनियर हाईस्कूल के लिए आवेदन शुल्क 15 हजार रुपये था। इसके अलावा सुरक्षित कोष के तौर पर जमा की जाने वाली राशि को भी घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है, जो पहले प्राथमिक स्तर के लिए एक लाख और उच्च प्राथमिक के लिए डेढ़ लाख रुपये थी।

यह भी जरूरी
विद्यालय का मानचित्र सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत होगा। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष व सभी सदस्यों को अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आइकार्ड विभाग को उपलब्ध कराना होगा। विद्यालय में अग्निशमन के उपाय उपलब्ध होने चाहिए।