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एक साल बाद खुले प्राइमरी स्कूल, गुब्बारे से सजाए गए विद्यालय, तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत

-100 दिन चलेगा विशेष कार्यक्रम- 13 को प्रेरणा ज्ञानोत्सव, हर ब्लॉक में संगोष्ठीइनसेट- बुजुर्गों ने लगवाई कोविड वैक्‍सीन,- 225 केंद्रों पर बुजुर्गों व 45 साल के ऊपर वाले लोगों को लगा टीका
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लखनऊ

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Karishma Lalwani

•

Updated: 1 Mar 2021, 5:22 PM IST

एक साल बाद खुले प्राइमरी स्कूल, गुब्बारे से सजाए गए विद्यालय, तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत

एक साल बाद खुले प्राइमरी स्कूल, गुब्बारे से सजाए गए विद्यालय, तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. कोरोना महामारी (Corona Virus) के कारण करीब एक साल तक बंद रहे प्राइमरी स्कूल सोमवार से खुल गए। पहले दिन एक लंबे अंतराल के बाद स्कूल पहुंचने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। पहले दिन बच्चों के स्वागत के लिए सरकारी स्कूलों को गुब्बारे से सजाया गया। कई जगह तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया गया। हालांकि, पहले दिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम रही। 13 मार्च को प्रेरणा ज्ञानोत्सव समारोह मनाया जाएगा। इसके तहत हर ब्लॉक में संगोष्ठी का आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए 4.62 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने स्कूल खोले जाने से पहले गाइडलाइन जारी की थी जिसमें कहा गया था कि कोरोना प्रोटोकाल का पालन करना पूरी तरह से जरूरी होगा। हैंड सैनिटाइजेशन और मास्क का प्रयोग अनिवार्य है।

100 दिन का विशेष अभियान संचालित

कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष मार्च माह में स्कूलों को बंद किया गया था। तब से लेकर 28 फरवरी तक स्कूल बंद ही थे। इस बीच चरणबद्ध तरीके से कुछ स्कूलों को खोला गया है। पहले कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल खोले गए उसके बाद कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल खुले। अब प्राइमरी स्कूलों को खोला गया है। स्कूल खुलने पर 100 दिन का विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। वहीं 13 मार्च को आयोजित संगोष्ठी में जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों आदि को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाएगा। समारोह में सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, अभिभावकों व कुछ विद्यार्थियों को भी बुलाया जाएगा. कार्यक्रम में खानपान की व्यवस्था भी रहेगी।

225 केंद्रों पर बुजुर्गों व 45 साल के ऊपर वाले लोगों को लगा टीका

सोमवार से कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के 225 केंद्रों पर सोमवार से 45 वर्ष से ऊपर वाले बिमारियों से ग्रस्त मरीजों का टीकाकरण शुरू हो गया। दूसरे चरण के टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के साथ-साथ 45 साल से ज्यादा उम्र के ऐसे बुजुर्ग जो किसी बीमारी से ग्रसित हैं, वे भी कोरोना वैक्सीन लगवा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कोविन ऐप पर पंजीकरण करवाना जरूरी है। दूसरे चरण में सरकारी अस्पतालों में कोरोना की वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी कीमत अदा कर टीका लगवाया जा सकता है। इसके लिए एक खुराक कीमत 250 रुपए है। यानी दोनों खुराक के लिए 500 रुपए चुकाने होंगे। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट भी जारी कर दी है। प्राइवेट अस्पतालों में चार मार्च से टीकाकरण शुरू होगा।

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार घई ने कहा कि वैक्सीन लगवाने से पहले पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। शहरी क्षेत्र में लोग स्वयं पंजीकरण करवा सकते हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आशा-एएनएम व अन्य कार्यकर्ताओं की मदद ली जाएगी। सरकारी अस्पतालों में टीका मुफ्त होगा, लेकिन निजी अस्पतालों में एक खुराक के लिए 250 रुपए देने होंगे।

सोमवार से पूरे प्रदेश में कोरोना वैक्सीन का दूसरा चरण सुबह 9 बजे से शुरू हो गया। इस दौरान 45 वर्षीय व 60 से ऊपर के बुजुर्गों को कोविड की वैक्सीन लगाकर शुरुआत की गई। कोविड वैक्सीन के लिए कोविन पोर्टल 2.0 पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। अगर कोई पंजीकरण करवाने के बाद उसे रद्द करवाना चाहता है तो यह सुविधा भी मौजूद है।

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