
लखनऊ. राज्यपाल राम नाईक ने प्रोफेसर माहरूख़ मिर्ज़ा को ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय लखनऊ का कुलपति नियुक्त किया है। प्रोफ़ेसर माहरूख़ मिर्ज़ा लखनऊ के प्रख्यात शिक्षाविद हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकाम, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमकाम तथा लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी व डी.लिट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने शिया पीजी कालेज से शिक्षण कार्य प्रारम्भ किया।
कुलपति बनाये जाने से पहले प्रो. माहरूख़ मिर्ज़ा ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फ़ारसी विश्वविद्यालय लखनऊ के वाणिज्य विभाग में प्रोफ़ेसर व विषय प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे थे। प्रो. मिर्ज़ा इस विश्वविद्यालय के प्रारम्भिक शिक्षकों में से एक हैं और विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारम्भ होने से लेकर अब तक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विषय प्रभारी के अतिरिक्त उन्होंने विश्वविद्यालय की अहम जिम्मेदारियों को निभाया।
उन्होंने विश्वविद्यालय में स्टेट ऑफिसर, चेयरमैन प्रवेश समिति, चेयरमैन प्रास्पेक्टस कमेटी, चेयरमैन पाठ्यचर्या समिति के साथ साथ विभिन्न सेमिनारों के समन्वयक एवं केन्द्रीय परीक्षा के केन्द्राध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। प्रो. मिर्ज़ा विश्वविद्यालय के प्रथम स्थापना दिवस समारोह की प्रशासनिक समिति के भी चेयरमैन थे। वह इस विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ में वर्तमान अध्यक्ष भी हैं। प्रो. मिर्ज़ा कई विश्वविद्यालयों में बोर्ड ऑफ स्टडीज़ के सदस्य हैं। उन्हें कई संस्थानों द्वारा सम्मान व पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रो. माहरूख मिर्जा की विश्वविद्यालय में कुलपति के रूप में नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए की गयी है।
प्रो. माहरूख मिर्जा ने कई राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारों व कान्फ्रेंसों में प्रतिभाग किया है। एक दर्जन से अधिक पुस्तकों में उनके लेख सम्मिलित हैं और स्वयं कई ऐसी पुस्तकों के लेखक हैं जो भारत की विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। प्रो. माहरूख मिर्जा ने गुरुवार की दोपहर कुलपति का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी उपस्थित थे। शिक्षकों ने उनकी नियुक्ति पर शुभकामनायें व्यक्त कीं।
Published on:
26 Oct 2017, 6:47 PM IST
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