इस गांव के आस-पास के गांव के लोगों को इस गांव से जैसे घृणा सी है, लेकिन जब आप इन से इस गांव का रास्ता पूछे, तो वे रास्ता भले ही न बताएं, लेकिन मंद सी मुस्कान जरूर छोड़ जाते हैं। पेशे से समाज सेवा का काम करने वाले अभय सिंह ने बताया कि वे कई बार इस समाज की मानसिक्ता समझने के प्रयास से नटपुरवा गया व वहां का दृश्य देखा। मैं जहां तक समझ पाया हूं, ये वहां का कल्चर बन गया, जो एकदम से खत्म नहीं किया जा सकता।