
पॉलिथीन और प्लास्टिक के इस्तेमाल पर दर्ज होगा केस, आईपीसी की धारा 188 के तहत होगी कार्रवाई
लखनऊ. पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने पॉलिथीन और प्लास्टिक (Plastic Ban) उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। हालांकि, 50 माइक्रोन से कम वाली पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक नहीं थी। यह नियम 2018 में ही लागू हो गया था लेकिन अब इसे सरकार सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। आदेश के अनुसार, अगर कोई भी व्यक्ति पॉलिथीन या प्लास्टिक का इस्तेमाल करता हुआ पाया गया, तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही उस पर केस भी दर्ज हो सकता है।
प्लास्टिक इस्तेमाल पर हो सकता है केस
पिछले साल लागू किए गए नियम पर सरकार ने सख्ती बरतकर इसे दोबारा चयन में लाया है। प्रतिबंधित वस्तु का इस्तेमाल करने वाले शख्स पर एक हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई भी होगी। इसमें जुर्माने के अलावा एक माह तक की सजा का भी प्रावधान है। यही नहीं बल्कि प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से आदेश भी जारी किया गया है आदेश के अनुसार किसी क्षेत्र में प्रतिबंधित पॉलिथीन बिकने पर थानाध्यक्ष, नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी और वाणिज्य कर के अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
संबंधित थानाध्यक्ष व अफसर पर होगी कार्रवाई
मामले में गृह विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी (Awanish Awasthi) ने आदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि 31 अगस्त के बाद अगर लखनऊ के किसी भी क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचे जाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित थानाध्यक्ष, नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी, वाणिज्य कर के क्षेत्रीय अफसर व सम्बन्धित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्राधिकारी को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवनीश अवस्थी ने कहा था कि व्यापार मंडल को लिखित रूप से प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बारे में बताकर उनसे सहमति ली जाए। इसके अलावा उन्होंने सम्बन्धित जन प्रतिनिधि को भी इस बारे में अवगत कराया जाने की बात भी कही थी।
Published on:
01 Sept 2019 11:39 am
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