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कॉन्वेंट स्कूलों को मात दे रहा यूपी का ये प्राइमरी स्कूल, दिख जाएंगे प्रोजेक्टर से पढ़ते बच्चे और चमचमाते टॉयलेट

कक्षाओं में टाइल्स वाली फर्श, प्रोजेक्टर से पढ़ते बच्चे, दीवारों पर चित्र व स्लोगन, स्मार्ट टायलेट, वाश बेसिन और बेंच पर बैठकर मिड डे मील करते साफ-सुथरे बच्चे...

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Aug 12, 2018

pureledai primary school

कॉन्वेंट स्कूलों को मात दे रहा है ये प्राइमरी स्कूल, भाजपा नेता ने लोगों संग मिलकर बदल दी तस्वीर

सुलतानपुर. कक्षाओं में टाइल्स वाली फर्श, प्रोजेक्टर से पढ़ते बच्चे, दीवारों पर खूबसूरत चित्र व स्लोगन, स्मार्ट टायलेट, हाथ धोने के लिए वाश बेसिन और बेंच पर बैठकर मिड डे मील करते साफ-सुथरे बच्चे... ये किसी कॉन्वेंट स्कूल की सूरत नहीं, बल्कि प्राइमरी स्कूल का हाल है। जी हां, पूरेलेदई प्राथमिक स्कूल की हालत देखकर एकबारगी आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन ये सच है। इस स्कूल में साफ-सफाई से लेकर पढ़ाई का स्तर किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नहीं है। यही कारण है कि इस स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिये लोग सिफारिशें तक लगवाते हैं। यह स्कूल पहले तो ऐसा नहीं था, लेकिन भाजपा नेता व काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा ने दिसंबर 2017 में इस स्कूल को गोद लेकर प्राथमिक विद्यालय की सूरत ही बदल दी।


मिलती हैं ये सुविधाएं
पूरेलेदई प्राथमिक विद्यालय में लगभग 137 बच्चे हैं। सभी वेल ड्रेस्ड हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से सभी बच्चों को नेल कटर, टिफिन बॉक्स, स्कूल बैग, जूता और ड्रेस की पूरी किट उपलब्ध कराई गई है। बच्चों को नहाने के लिए सप्ताह में एक डिटॉल साबुन भी दिया जाता है। साथ ही बच्चों के खेलने के लिये आधुनिक झूला, फुटबाल, बैडमिंटन की सुविधा उपलब्ध है।

उच्चकोटि की होती है पढ़ाई
विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता उच्चकोटि की है। यहां चाक और ब्लैक बोर्ड की जगह बच्चों को व्हाइट बोर्ड और मार्कर की सहायता से पढ़ाया जाता है। स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित छह टीचर हैं। इस स्कूल में प्रोजेक्टर, कम्पयूटर, आरओ का पानी, इन्वर्टर की सुविधा, बच्चों को बैठने के लिए कुर्सी-मेज, हर कमरे में पंखा सब कुछ उपलब्ध है। पानी के लिए समरसेबिल है, जिससे पूरे विद्यालय में पानी की टंकी से वाटर सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित है। यही कारण है कि यहां रोजाना 7-8 किमी से अभिभावक बच्चों को छोड़ने आते हैं।

जनसहभागिता से बदली तस्वीर
प्राथमिक विद्यालय में पहले 30-35 बच्चे आते थे। भाजपा नेता ने गोद लेने के बाद गांववालों की मीटिंग बुलाई, जिसमें उन्होंने बच्चों को प्राइमरी स्कूल में भेजने का आह्वान किया। आज ये स्कूल पूरे प्रदेश के सामन रोल मॉडल है। इस स्कूल के लिये सरकार की ओर से अलग से कोई बजट नहीं मिला, बल्कि भाजपा नेता ने जनसहभागिता के जरिये पूरेलेदई प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर ही बदल दी।