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पूर्वांचल एक्सप्रेसव-वे: गति नहीं प्रगति का एक्सप्रेस-वे, यूपी की अर्थव्यवस्था में और तेजी की उम्मीद

प्रदेश के नौ जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे जहाँ वाहनों को तेज रफ्तार देगा वहीं इससे उद्योग-धंधों और विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। खेती-किसानी के लिए कारोबार के नये रास्ते खुलेंगे। सब्जी विक्रेताओं और दुग्ध व्यवसाय को एक्सप्रेस-वे से फायदा होगा।

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Purvanchal Expressway: 2017 के चुनाव में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने आगरा एक्सप्रेस-वे बनाकर विकास के नाम पर जनता से वोट माँगा था। अब पाँच साल बाद भारतीय जनता पार्टी भी अखिलेश की ही राह पर चलते हुए सड़क से सियासत करने चल पड़ी है। बीजेपी इसके जरिये 156 विधानसभा सीटों की सियासत साधने की कोशिश करेगी।

आर्थिक गतिविधियों में तेजी

हाँलाकि सीएम योगी का कहना है कि ये पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे 08 स्थानों पर इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाने की कार्यवाही शुरु हो चुकी है। इससे रोजगार बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

उद्योग-धंधों और विकास परियोजनाओं को भी गति

प्रदेश के नौ जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे जहाँ वाहनों को तेज रफ्तार देगा वहीं इससे उद्योग-धंधों और विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। इस एक्सप्रेस-वे से दिल्ली से गाजीपुर तक का सफर महज 10 घंटे में पूरा होगा। देश की राजधानी से पूर्वांचल के आखिरी छोर तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी, वहीं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से खेती-किसानी के लिए कारोबार के नये रास्ते खुलेंगे। सब्जी विक्रेताओं और दुग्ध व्यवसाय को एक्सप्रेस-वे से फायदा होगा।

5 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स बनाने की रणनीति

यूपी सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के आसपास 5 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स बनाने की रणनीति के तहत काम कर रही है। अगर ऐसा होताहै तो इससे लाखों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के आसपास खाद्य उत्पाद एवं प्रोसेसिंग, वेबरेज, रिफाइंड, पेट्रोलियम उत्पाद, केमिकल उत्पाद, नॉन मेटालिक मिनरल प्रॉडक्ट्स, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, मेडिकल और डेंटल इक्विपमेंट्स से संबंधित इंडस्ट्री लगाई जाएगी। इसके लिए 9,197 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। यहां इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी खोले जाएंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के आसपास के जिलों की चिह्नित कर ली है।

11 जिलों का होगा औद्योगिक विकास

इससे एक्सप्रेस-वे के आसपास बसे 11 जिलों के औद्योगिक विकास का रास्ता साफ होगा। इनमें बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, अयोध्या, संतकबीर नगर, गोरखपुर, अंबेडकरनगर और बलिया शामिल है। बाराबंकी में खाद्य उत्पाद, लकड़ी और दवा उद्योग के विकास से लिए 735 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। इसी तरह अमेठी, सुलतानपुर, आजमगढ़, मऊ और संतकबीरनगर में फूड प्रॉडक्ट्स इंडस्ट्री विकसित करने की योजना है। जौनपुर और अंबेडकरनगर में टेक्सटाइल, अयोध्या और गोरखपुर में मेडिकल उपकरण और बलिया में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री विकसित करने की योजना है।

उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

अभी हाल ही में एक रिपोर्ट आयी थी उसके मुताबिक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने 2020-21 में राज्यों के आधार पर देश में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। उत्तर प्रदेश ने तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश की जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) 19.48 लाख करोड़ रुपये हो गई है। 2015-16 में यूपी की अर्थव्यवस्था देश में छठवें नंबर पर थी। वह अब दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि लोगों की आय बढ़ी है। अब इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने से उम्मीद है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में और तेजी आ आयेगी।