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कांग्रेस के अध्यक्ष बने राहुल गांधी, यूपी में हो सकते हैं ये अहम बदलाव

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सोमवार को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। यूपी में होंगे ये अहम बदलाव...

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लखनऊ. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सोमवार को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। सोमवार दोपहर कांग्रेस ने उनके निर्विवाद निर्वाचन की घोषणा की है। यूपी में भी इसको लेकर जश्न मना है। पार्टी कार्यालय पर प्रदेश सचिव शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। कार्यक्रर्ताओं का कहना था कि पार्टी में इस फैसले से जबर्दस्त उत्साह है। सभी को उम्मीद है कि पार्टी में अब युवाओं को ज्यादा तरजीह दी जाएगी।

बता दें कि राहुल गांधी ने पहले भी यूपी कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत दिए थे। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस में इन चेहरों का प्रमोशन हो सकता है-

जितिन प्रसाद

राहुल गांधी के करीबी मानें जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का यूपी कांग्रेस में कद बढ़ सकता है। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें प्रदेश में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। उनका नाम प्रदेश अध्यक्ष की रेस में भी है। हाल ही में जितिन प्रसाद के भाई और भाभी बीजेपी में शामिल हुए थे। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि जितिन प्रसाद भी अपना पाला बदल सकते हैं लेकिन जितिन ने इस कयासों पर विराम लगा दिया। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राज बब्बर का पर्फॉर्मेंस संतोषजनक नहीं रहा। ऐसे में अध्यक्ष पद किसी युवा नेता को ही सौंपने के कयास लगाए जा रहे हैं।

अराधना मिश्रा

सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी की बेटी व विधायक अराधना मिश्रा को कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का इंचार्ज बनाया जा सकता है। पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह का नाम भी तेजी से चल रहा है। पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संगठन में अहम बदलाव के संकेत दिए थे। ऐसे में युवाओं को तरजीह मिलने की पूरी उम्मीद की जा रही है। इसी कारण अराधना मिश्रा का कद बढ़ सकता है। अब कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट बिना मुखिया का हो गया है। कांग्रेस के पास जो 23 प्रवक्ता बचे हैं, उनमें 22 ऐसे हैं जिनके आगे पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री जैसा कद नहीं है।

नदीम अशरफ जायसी

बसपा से कांग्रेस में आए नदीम अशरफ जायसी का भी प्रदेश कांग्रेस में कद बढ़ाया जा सकता है।
बसपा सरकार में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। पूर्व में वह युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। माना जा रहा है कि नदीम को सीधे प्रियंका गांधी के कहने के बाद पार्टी की सदस्यता दिलाने का फैसला किया गया। पिछले लोकसभा चुनाव में चंदौली से चुनाव लड़े तरुण पटेल का कद भी पार्टी में बढ़ सकता है।

दीपक सिंह

कांग्रेस के एमएलएसी दीपक सिंह गांधी परिवार के करीबी माने जाते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दीपक सिंह को यूपी में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। दीपक अमेठी से हैं और बीते दिनों राहुल गांधी के अमेठी दौरे में वे हर वक्त राहुल के साथ ही दिखे थे। इसके अलावा वे प्रियंका गांधी के भी करीबी माने जाते हैं।

अदिति सिंह

पिछले कई महीनों से रायबरेली की गलियों में चर्चा का विषय कांग्रेस नेता अदिति सिंह हैं। यूएस से पढ़कर आई अदिति ने यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लहर के बावजूद 90 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीता। अदिति सिंह रायबरेली सदर से कांग्रेस की विधायक हैं। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद अदिति को यूथ कांग्रेस में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। अदिति के पिता अखिलेश सिंह भी रायबरेली से पांच बार विधायक रह चुके हैं।